डेढ़ साल के भीतर भाजपा की साय सरकार ने चौथी बार बढ़ाएं बिजली के दाम, जनता की जेब में सरकार कर रही डकैती :- कांग्रेस

डेढ़ साल के भीतर भाजपा की साय सरकार ने चौथी बार बढ़ाएं बिजली के दाम, जनता की जेब में सरकार कर रही डकैती :- कांग्रेस

प्रदेश में बिजली दरो की वृद्धि को लेकर कांग्रेस मुखर हो गई है और सभी ब्लॉकों से लेकर जिला स्तर मे विरोध प्रदर्शन करने जा रही है।

इस बढ़ी हुई बिजली दर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला अध्यक्ष शरद लोहाना, विधायक ओंकार साहू, अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक गुरमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, पूर्व विधायक लेखराम साहू, पूर्व विधायक हर्षद मेहता, पूर्व विधायक अशोक सोम सहित अनेक कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर बिजली उपभोक्ताओं को लूटने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है।

सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप की बिजली दरों में की गई है, जिसमें 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इससे किसान वर्ग पर सीधा असर पड़ रहा है।

इतिहास गवाह है…

2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार ने हर साल बिजली के दामों में वृद्धि की।

  • 2003 में दर: ₹3.30 प्रति यूनिट
  • 2018 तक: ₹6.40 प्रति यूनिट (कुल वृद्धि ₹3.10, यानी 94%)
  • चुनावी वर्ष 2018 में 20 पैसे घटाकर ₹6.20 किया गया

कांग्रेस सरकार की तुलना में:

  • 2018-19: ₹5.93
  • 2020-21: ₹5.93 (कोई बदलाव नहीं)
  • 2021-22: ₹6.08 (+15 पैसे)
  • 2022-23: ₹6.22 (+12 पैसे)
  • 2023-24: ₹6.22 (स्थिर)
  • कुल वृद्धि: मात्र ₹0.02 (0.32%)

वर्तमान भाजपा सरकार में:

  • 2023-24: ₹6.22
  • 2024-25: ₹7.02 (+₹0.80, यानी 13% वृद्धि)

कांग्रेस सरकार की उपलब्धियाँ:

  • 65 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को ₹3240 करोड़ की सब्सिडी
  • किसानों को 5HP तक मुफ्त बिजली
  • BPL उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली
  • अस्पताल, उद्योगों को सब्सिडाइज्ड दर

भाजपा सरकार के सवाल:

कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली क्यों?

नेता, मंत्री और अधिकारी एसी का मजा ले रहे हैं जबकि आम जनता बिजली कटौती और महंगे बिल से परेशान है। सरकारी विभागों का बकाया बिल तक जमा नहीं हो रहा है और उसका भार भी जनता पर डाला जा रहा है।

बिजली चोरी, लाइन लॉस और उत्पादन लागत में वृद्धि जैसी समस्याओं की भरपाई आम उपभोक्ता से की जा रही है। केंद्र सरकार की नीतियों ने कोयला महंगा कर दिया, ग्रीन टैक्स चार गुना बढ़ा, रेलवे मालभाड़ा भी ज्यादा वसूला जा रहा है।

सरकार अडानी समूह से महंगे दामों में कोयला खरीदने को बाध्य है जिससे लागत और बढ़ गई है।

कुल मिलाकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर जनता के साथ बिजली के माध्यम से डकैती की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *