धमतरी: इस वर्ष धमतरी जिले में चावल की सरकारी खरीद में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कुल लक्ष्य 5.53 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले अब तक केवल 2.78 लाख मीट्रिक टन चावल ही जमा किया जा सका है।

यह गिरावट न केवल खरीफ विपणन वर्ष को प्रभावित कर रही है, बल्कि किसानों और मिलर्स की चिंता भी बढ़ा रही है।
📉 क्या हैं प्रमुख कारण?
- खरीद केंद्रों में देरी और व्यवस्था की कमियाँ।
- कुछ क्षेत्रों में धान की उपज में गिरावट।
- मिलर्स द्वारा चावल जमा करने की प्रक्रिया धीमी।
- ट्रांसपोर्टेशन और भंडारण में तकनीकी अड़चनें।
🌾 किसान चिंतित
कई किसानों का कहना है कि उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही नहीं दिखाई दे रही है।
🏢 प्रशासन का जवाब
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शेष चावल की वसूली के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं और मिलर्स को जल्द-से-जल्द डिलीवरी पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
📅 आगे की योजना
प्रशासन का लक्ष्य है कि जुलाई के अंत तक कम से कम 90% चावल की वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अतिरिक्त निगरानी अधिकारी भी नियुक्त किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट – 12 जुलाई 2025 | स्रोत: जिला खाद्य विभाग, धमतरी












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