स्थान: धमतरी, छत्तीसगढ़ | तारीख: 16 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का कार्यालय अचानक बंद हो जाने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई लाभार्थी परेशान हैं। योजना के अंतर्गत घर पाने की आस में वर्षों से इंतजार कर रहे सैकड़ों हितग्राहियों को अब अपने आवेदन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया अधूरी नजर आ रही है। इससे लोगों में न केवल चिंता बल्कि आक्रोश भी व्याप्त हो गया है।
कार्यालय बंद होने के कारण
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नगर निगम कार्यालय में तकनीकी कारणों या प्रशासनिक लापरवाही के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना का समर्पित कार्यालय बंद है। फिलहाल न कोई अधिकारी वहां मौजूद है और न ही कर्मचारियों की उपस्थिति दिख रही है। इससे दैनिक रूप से आवेदन लेकर आने वाले नागरिकों को निराशा हाथ लग रही है।
लोगों का विरोध और प्रदर्शन
हितग्राहियों ने इस बंद कार्यालय के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग रखी कि आवास योजना की प्रक्रिया को तत्काल पुनः शुरू किया जाए, ताकि उनके वर्षों पुराने आवेदनों पर कोई प्रगति हो सके। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चुनावों से पहले वादे तो किए गए, लेकिन अब ज़मीन पर कोई काम नहीं हो रहा है।
प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भी शामिल हुए, जिन्होंने नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन जवाब में सिर्फ ‘कार्यालय बंद है’ की तख्तियाँ ही मिलीं।
दस्तावेज सत्यापन की समस्या
कई लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने अपने दस्तावेज कई बार जमा किए, लेकिन सत्यापन की प्रक्रिया अधूरी ही रही। अब जब वे स्थिति जानने के लिए कार्यालय जाते हैं, तो दरवाजे बंद पाते हैं। इससे योजनाओं पर से उनका विश्वास डगमगा रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जब नगर निगम अधिकारियों से इस विषय में प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने कहा कि वे स्थिति से अवगत हैं और तकनीकी या मानव संसाधन की समस्या को जल्द सुलझाया जाएगा। हालांकि कोई ठोस तारीख या आश्वासन अब तक नहीं दिया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर शासन पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाओं की कार्यान्वयन में भारी लापरवाही है। वहीं सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ताओं ने कहा कि समस्या अस्थायी है और जल्द समाधान निकाला जाएगा।
भविष्य की दिशा
नगरवासियों की मांग है कि नगर निगम एक सार्वजनिक सूचना जारी करे, जिसमें स्पष्ट किया जाए कि कार्यालय कब से दोबारा खुलेगा और प्रक्रिया किस प्रकार दोबारा शुरू होगी। साथ ही लोगों को एक पारदर्शी ट्रैकिंग सिस्टम देने की भी मांग उठ रही है, जिससे वे अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकें।
रिपोर्ट: लोक संवाददाता, धमतरी
📌 Disclaimer:
यह लेख स्थानीय समाचार रिपोर्टों और हितग्राहियों की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी समाचार माध्यमों से संकलित है और किसी आधिकारिक सरकारी दस्तावेज का स्थान नहीं लेती। किसी भी योजना संबंधी जानकारी या अपडेट के लिए संबंधित विभाग या आधिकारिक पोर्टल से संपर्क करना उचित होगा।












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