दिनांक: 12 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब प्रदेश की चुनिंदा “च्वाइस वाली” शराब दुकानों में ग्राहकों को विभिन्न ब्रांड और श्रेणियों में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की सुविधा मिलेगी। साथ ही स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि दुकानदार निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत नहीं वसूल सकेंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध कराना और ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर रोक लगाना है।

क्या है नई ‘च्वाइस’ व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत कुछ चयनित दुकानों में शराब की विभिन्न श्रेणियों और ब्रांडों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार उत्पाद का चयन कर सकेंगे। पहले कई स्थानों पर सीमित विकल्प या स्टॉक की कमी की शिकायतें सामने आती थीं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का दावा है कि इससे बिक्री प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी होगी।
एमआरपी से अधिक वसूली पर सख्ती
नई नीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी ग्राहक से निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक राशि नहीं ली जाएगी। यदि कोई दुकानदार अतिरिक्त शुल्क वसूलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की शिकायत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं।
निगरानी और पारदर्शिता
व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय निगरानी बढ़ाई गई है। बिक्री और स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। डिजिटल बिलिंग और रसीद जारी करने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि ग्राहकों को पारदर्शी लेनदेन का अनुभव मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, इससे अवैध वसूली और अनियमितताओं पर नियंत्रण संभव होगा।
उपभोक्ताओं को क्या लाभ
नई प्रणाली से ग्राहकों को स्पष्ट मूल्य सूची, बेहतर विकल्प और निष्पक्ष लेनदेन का लाभ मिलेगा। साथ ही प्रतिस्पर्धी माहौल बनने से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह कदम राजस्व प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाने में भी सहायक होगा।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शराब नीति और संबंधित नियमों में समय-समय पर बदलाव संभव है। सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना और दिशा-निर्देशों का ही अनुसरण करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की त्रुटि या परिवर्तन के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।











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