शिक्षा का दुःखद हादसा: स्कूल गेट गिरने से मासूम छात्रा की मौत

प्रकाशन तिथि: 17 सितंबर 2025

घटना का विवरण

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के चूरियारा‑19 नगरी स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में एक अत्यंत दुःखद हादसा हुआ, जिसमें छह वर्षीय छात्रा दुर्गा सोरी की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, दुर्गा अपने सहपाठियों के साथ विद्यालय परिसर में झूले पर खेल रही थी। उसी दौरान स्कूल परिसर का मुख्य गेट, जो जर्जर अवस्था में था, अचानक गिर गया। गेट के नीचे आने से दुर्गा को गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।

विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि स्कूल का गेट काफी समय से कमजोर स्थिति में था, जिसकी जानकारी शिक्षकों एवं स्कूल प्रबंधन को थी, लेकिन किसी भी प्रकार की मरम्मत या एहतियात नहीं बरती गई।

स्थानीय ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने घटना के बाद स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गेट की मरम्मत कर दी जाती, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे। कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।

कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है और यह भी आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है।

समाज में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने स्कूल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सरकारी लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है। कई सामाजिक संगठनों ने इस हादसे को “मानव निर्मित त्रासदी” करार दिया है।

इस दर्दनाक घटना ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भविष्य की सुरक्षा के लिए उपाय

शिक्षा विभाग द्वारा अब सभी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की समीक्षा के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी विद्यालय परिसर जर्जर भवन, खुले तार या असुरक्षित संरचनाओं से युक्त न हो।

इस हादसे ने प्रशासन और समाज दोनों को झकझोर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।

निष्कर्ष

छह वर्षीय दुर्गा सोरी की मृत्यु केवल एक मासूम की जान जाने की घटना नहीं है, बल्कि यह एक सिस्टम फेल्योर है। यह घटना हमें चेतावनी देती है कि जब तक हम स्कूलों में बुनियादी सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं करेंगे, तब तक शिक्षा के मंदिर सुरक्षित नहीं कहे जा सकते।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और प्रत्यक्षदर्शी बयानों पर आधारित है। घटना की पूरी जांच प्रशासन द्वारा की जा रही है और आगे की जानकारी प्राप्त होने पर तथ्यों में परिवर्तन संभव है। पाठकों से निवेदन है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पूर्व आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। इस लेख में दी गई जानकारी में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर लेखक या वेबसाइट उत्तरदायी नहीं होंगे।

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