युवाओं के लिए चेतावनी: नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो!

युवाओं के लिए चेतावनी: नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो!

स्थान: मोंहदी, धमतरी | दिनांक: 14 अगस्त 2025

सड़क दुर्घटनाएं और नशीले पदार्थों का बढ़ता उपयोग आज के समय में हमारे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इन दोनों ही समस्याओं से युवाओं और छात्रों का जीवन सबसे अधिक प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, मोंहदी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।

इस अभियान का संचालन धमतरी जिला यातायात पुलिस की ओर से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जीवन की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे तथा लापरवाह यातायात के दुष्परिणामों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

  • नशे के दुष्प्रभाव: पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि नशा केवल शारीरिक हानि नहीं करता, बल्कि मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक जीवन को भी नष्ट कर देता है।
  • सड़क सुरक्षा नियम: छात्रों को बताया गया कि ट्रैफिक सिग्नल, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, लेन ड्राइविंग और गति सीमा का पालन करना क्यों जरूरी है।
  • हेलमेट और सीट बेल्ट का महत्व: यह दर्शाया गया कि एक साधारण सी सावधानी जैसे हेलमेट पहनना या सीट बेल्ट लगाना, जीवन को दुर्घटनाओं से बचा सकता है।
  • साइबर सुरक्षा: छात्रों को सोशल मीडिया पर सुरक्षित व्यवहार और ओनलाइन धोखाधड़ी से कैसे बचें, इसकी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान वीडियो प्रेजेंटेशन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से छात्रों को बताया गया कि कैसे एक छोटी सी गलती भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। उदाहरण के तौर पर, एक वीडियो में दिखाया गया कि हेलमेट न पहनने पर बाइक सवार की जान कैसे चली गई। इस दृश्य ने छात्रों को झकझोर कर रख दिया।

नशे के दुष्परिणामों पर बोलते हुए, सब-इंस्पेक्टर श्रीमती कुमारी शैलेजा ने कहा, “नशा केवल शरीर नहीं, भविष्य भी खत्म करता है। आज का युवा अगर सही दिशा में आगे बढ़े तो देश का निर्माण और विकास सुनिश्चित है। लेकिन अगर यही युवा गलत संगति और नशे की ओर बढ़े, तो उसका परिणाम पूरे परिवार और समाज को भुगतना पड़ता है।”

इस अभियान के अंतर्गत छात्रों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। सभी ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी जागरूक करेंगे, और सड़क पर हमेशा सतर्क रहकर यातायात नियमों का पालन करेंगे।

विद्यालय प्रबंधन की भूमिका

विद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता ठाकुर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “ऐसे जागरूकता अभियान बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र न केवल अकादमिक रूप से, बल्कि सामाजिक और नैतिक रूप से भी सशक्त बनें।”

शिक्षकों ने भी इस अभियान को समर्थन देते हुए भविष्य में नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। विद्यालय के एनएसएस और एनसीसी यूनिट ने इस आयोजन में विशेष सहयोग दिया। कई छात्रों ने पोस्टर प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी रचनात्मकता भी प्रदर्शित की।

जन-जागरूकता का प्रभाव

इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल विद्यालय तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे समाज में एक सकारात्मक संदेश पहुंचाना होता है। जब छात्र जागरूक होंगे, तो वे अपने माता-पिता, मित्रों और पड़ोसियों को भी सही दिशा दिखा सकते हैं। इस प्रकार, यह अभियान एक सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकता है।

अंततः, यह अभियान केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जीवन बचाने की मुहिम है। अगर हर विद्यालय, कॉलेज और समाज में इस तरह के प्रयास निरंतर किए जाएं, तो नशे और सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और सामाजिक कार्यक्रमों पर आधारित जानकारी का समेकन है। यह सामग्री केवल सूचना देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। कृपया संबंधित विभाग या अधिकृत संस्थान से पुष्टि किए बिना किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक या स्वास्थ्य-संबंधी निर्णय न लें।

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