“21वीं सदी भारत की है” — पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट का दृष्टिकोण
तारीख: 17 अक्टूबर 2025 | wccsnews24.com
रिपोर्टर: Ajay verma
नई दिल्ली: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने कहा कि “21वीं सदी भारत की सदी है”
। उन्होंने भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में देखा जो लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिरता में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।

भारत का वैश्विक नेतृत्व
टोनी एबॉट ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में वैश्विक मंच पर एक निर्णायक शक्ति बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को लोकतांत्रिक नेतृत्व के साथ-साथ वैश्विक शांति और साझा विकास में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने भारत की तकनीकी प्रगति, युवा जनसंख्या और उद्यमशीलता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। एबॉट के अनुसार, भारत अब केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं बल्कि “दुनिया की दिशा तय करने वाला राष्ट्र” है।
भारत बनाम चीन: संतुलन की भूमिका
अपने संबोधन में एबॉट ने चीन का नाम लेते हुए कहा कि भारत को लोकतांत्रिक ‘काउन्टरवेट’ (counterweight) के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन की केंद्रीकृत व्यवस्था के मुकाबले भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली मानवाधिकारों और वैश्विक संतुलन की गारंटी देती है।
“भारत को 21वीं सदी में न केवल एशिया का, बल्कि पूरी दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए — एक ऐसा नेतृत्व जो लोकतंत्र, शांति और आपसी सम्मान पर आधारित हो।” — टोनी एबॉट
NDTV वर्ल्ड समिट 2025 का परिप्रेक्ष्य
NDTV वर्ल्ड समिट 2025 में दुनिया भर के राजनेता, अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता एकत्र हुए हैं। इस वर्ष का विषय “Global Harmony through Democratic Leadership” रखा गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया।
नोट: यह समाचार NDTV वर्ल्ड समिट 2025 में दिए गए आधिकारिक भाषण पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक NDTV वेबसाइट पर जाएँ।















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