प्रश्नपत्र ट्रांसपोर्टिंग पर सवाल — 10वीं-12वीं बोर्ड में सुरक्षा को लेकर चिंता

प्रश्नपत्र ट्रांसपोर्टिंग पर सवाल — 10वीं-12वीं बोर्ड में सुरक्षा को लेकर चिंता

दिनांक: 18 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

रायपुर में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को बाइक के माध्यम से भेजे जाने की खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बोर्ड परीक्षाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी होती हैं, ऐसे में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षित परिवहन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस घटना के बाद अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है।

कैसे सामने आया मामला

मिली जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्रों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के बजाय साधारण तरीके से एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि परिवहन के लिए बाइक का उपयोग किया गया, जिससे सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बढ़ गईं। आमतौर पर प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए सीलबंद वाहनों, पुलिस सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का उपयोग किया जाता है। ऐसे में इस प्रकार की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अभिभावकों और विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया

इस खबर के सामने आने के बाद अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में थोड़ी भी चूक होती है तो इससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। विद्यार्थियों का भी मानना है कि मेहनत से की गई तैयारी पर किसी प्रकार की अनियमितता का साया नहीं पड़ना चाहिए।

शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक बयान में यह कहा गया है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और परीक्षा प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर विचार किया जा रहा है।

भविष्य के लिए सुझाव और आवश्यक कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्रों के परिवहन में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी, सीलबंद कंटेनर और पुलिस एस्कॉर्ट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए ताकि लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण चरण होती हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखे। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले ठोस कदमों पर टिकी है।


Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। परीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था एवं संबंधित तथ्यों की आधिकारिक और अंतिम जानकारी के लिए संबंधित शिक्षा विभाग या आधिकारिक अधिसूचना का ही संदर्भ लें। इस लेख में दी गई जानकारी समय के साथ परिवर्तित हो सकती है। लेखक या प्रकाशक किसी भी त्रुटि या बदलाव के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

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