53 लोग गिरफ्तार — टाइगर रिज़र्व में पेड़ काटने के आरोप में

53 लोग गिरफ्तार — टाइगर रिज़र्व में पेड़ काटने के आरोप में

दिनांक: 19 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व के कोर ज़ोन में अवैध रूप से पेड़ काटने के गंभीर मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन अधिकारियों ने संयुक्त अभियान चलाते हुए 53 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण और वन संपदा की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई है।

कोर ज़ोन में अवैध गतिविधि

वन विभाग के अनुसार, उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व का कोर ज़ोन अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जहां किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि पर सख्त पाबंदी रहती है। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा वहां अवैध रूप से पेड़ काटे जा रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर वन अमले ने छापेमारी कर इस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया।

वन विभाग की कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने बड़ी संख्या में कटे हुए पेड़, लकड़ी और उपकरण जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को वन अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कई दिनों तक निगरानी और योजना के बाद की गई, ताकि अवैध कटाई में शामिल सभी लोगों को पकड़ा जा सके।

वन्यजीवों पर पड़ता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि टाइगर रिज़र्व जैसे संरक्षित क्षेत्रों में पेड़ कटाई से जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इससे न केवल बाघों और अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होता है, बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वन विभाग ने इस तरह की गतिविधियों को वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर खतरा बताया है।

स्थानीय नेटवर्क की जांच

वन विभाग अब इस मामले में स्थानीय नेटवर्क की भी जांच कर रहा है। अधिकारियों को संदेह है कि अवैध लकड़ी कटाई के पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हो सकते हैं। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लकड़ी की तस्करी कहां और किसके माध्यम से की जा रही थी।

कानूनी कार्रवाई और सख्ती

वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों पर सख्त नज़र रखी जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे वन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। साथ ही यह भी कहा गया है कि वन संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है और इसमें जनसहयोग बेहद आवश्यक है।


Disclaimer:
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स एवं वन विभाग से प्राप्त सामान्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के दौरान तथ्यों में परिवर्तन संभव है। किसी भी आधिकारिक या अंतिम जानकारी के लिए वन विभाग द्वारा जारी सूचना को ही प्रमाणिक माना जाए।

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