समाचार तिथि: 16 अक्टूबर 2025 | वर्ग: राज्य समाचार, सुशासन | लेखक: Ajay verma
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजधानी रायपुर में “सुशासन संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला कलेक्टर, प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा देना था।

सुशासन और नवाचार पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को “सुशासन के मॉडल राज्य” के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए सभी विभागों को तकनीक का अधिकतम उपयोग करना होगा ताकि जनता को तेज़, सुलभ और निष्पक्ष सेवाएँ प्रदान की जा सकें। उन्होंने बताया कि नवाचार और डिजिटलाइजेशन ही भविष्य के प्रशासन की रीढ़ हैं।
डिजिटल प्रशासन के माध्यम से पारदर्शिता
कार्यक्रम में ई-गवर्नेंस, डिजिटल पेमेंट सिस्टम, ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग, और नागरिक सेवा पोर्टल जैसे कई नवाचारों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल सिस्टम से न केवल प्रशासन की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर विभाग अपने कार्यप्रवाह को डिजिटल रूप में लाए ताकि जनता को फाइलों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनभागीदारी और उत्तरदायित्व पर फोकस
“सुशासन संवाद” में जनभागीदारी को भी एक प्रमुख विषय के रूप में शामिल किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन तब तक प्रभावी नहीं हो सकता जब तक जनता उसमें भागीदार न बने। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर “जन संवाद” आयोजित करे ताकि नागरिकों की शिकायतें और सुझाव सीधे सुने जा सकें।
प्रमुख विभागों की प्रस्तुति और भविष्य की योजनाएँ
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाओं और उपलब्धियों की प्रस्तुति दी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में डिजिटल सेवा केंद्रों को और अधिक सशक्त किया जाएगा। वहीं ग्रामीण विकास विभाग ने यह घोषणा की कि आने वाले महीनों में पंचायत स्तर पर ई-शासन प्रणाली लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री का संदेश: पारदर्शिता ही विकास की कुंजी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने समापन भाषण में कहा कि पारदर्शी शासन ही जनविश्वास का आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रशासनिक कार्यों में जनसुविधा को सर्वोपरि रखें और हर निर्णय में जवाबदेही सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में हर विभाग की प्रदर्शन रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।
डिस्क्लेमर
नोट: यह लेख राज्य सरकार की आधिकारिक सूचनाओं और समाचार स्रोतों पर आधारित है। कार्यक्रम से संबंधित आंकड़ों या बयानों में समय-समय पर परिवर्तन संभव है। आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया छत्तीसगढ़ शासन की वेबसाइट या जनसंपर्क विभाग के नवीनतम अपडेट देखें।
टैग: छत्तीसगढ़, सुशासन संवाद, विष्णुदेव साय, डिजिटल प्रशासन, पारदर्शिता, ई-गवर्नेंस











Leave a Reply