तारीख: 26 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा
क्रिसमस के दिन शहर में तनावपूर्ण माहौल
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिसमस के दिन उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बंद के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ की। यह घटना उस वक्त हुई जब शहर में कथित बंद का असर देखा जा रहा था और अधिकांश दुकानें व प्रतिष्ठान बंद थे। मॉल में की गई इस तोड़फोड़ से न केवल व्यापारियों को नुकसान पहुंचा, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए।

CCTV फुटेज में सामने आई पूरी सच्चाई
घटना के बाद मॉल प्रबंधन द्वारा जारी किए गए CCTV फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग जबरन मॉल परिसर में घुसते हैं और वहां मौजूद दुकानों, कांच के दरवाजों और सजावटी सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। फुटेज में उपद्रवियों की गतिविधियां स्पष्ट हैं, जिससे पुलिस को जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। CCTV वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो गया।
व्यापारियों और आम जनता में रोष
मैग्नेटो मॉल में स्थित दुकानदारों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के समय पहले ही बिक्री पर असर पड़ता है और इस तरह की घटनाएं उनके आर्थिक नुकसान को और बढ़ा देती हैं। आम नागरिकों ने भी सार्वजनिक स्थानों पर हुई इस तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मॉल प्रबंधन की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार CCTV फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई नेताओं ने हिंसा और तोड़फोड़ की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण विरोध की अपील की है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि किसी भी मुद्दे पर विरोध जताने का यह तरीका लोकतांत्रिक नहीं है और इससे समाज में डर और अस्थिरता का माहौल बनता है।
शहर की छवि और भविष्य की चिंता
रायपुर एक तेजी से विकसित होता शहर है और इस तरह की घटनाएं उसकी छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन, नागरिकों और व्यापारिक संगठनों को मिलकर ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगानी होगी, ताकि शहर में शांति, सौहार्द और सुरक्षित वातावरण बना रहे।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक या व्यक्तिगत कार्रवाई से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।













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