खाद्यान्न सुरक्षा कवरेज अपडेट: छत्तीसगढ़ में 2.73 करोड़ लोग योजना के दायरे में

खाद्यान्न सुरक्षा कवरेज अपडेट: छत्तीसगढ़ में 2.73 करोड़ लोग योजना के दायरे में

दिनांक: 30 दिसंबर 2025
लेखक: Ajay Verma

छत्तीसगढ़ सरकार की खाद्यान्न सुरक्षा योजना से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में अब लगभग 2.73 करोड़ लोग राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत कवर किए जा चुके हैं। सरकार के अनुसार, इन लाभार्थियों में से करीब 85 प्रतिशत का ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा हो चुका है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

खाद्यान्न सुरक्षा योजना का उद्देश्य

राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के परिवारों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को चावल, गेहूं और अन्य आवश्यक खाद्यान्न उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित किए जाते हैं। छत्तीसगढ़ इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने वाले राज्यों में अग्रणी माना जाता है।

2.73 करोड़ लाभार्थियों को मिला संरक्षण

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस योजना के अंतर्गत शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी गरीबों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है। इससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ कुपोषण और भूख की समस्या को कम करने में मदद मिली है।

ई-केवाईसी में 85% प्रगति

योजना को पारदर्शी और फर्जी लाभार्थियों से मुक्त रखने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है। अब तक लगभग 85 प्रतिशत लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि शेष लाभार्थियों का भी जल्द से जल्द सत्यापन कर लिया जाए, ताकि सही व्यक्ति तक ही योजना का लाभ पहुंचे।

सरकार और प्रशासन की भूमिका

ई-केवाईसी प्रक्रिया को तेज करने के लिए खाद्य विभाग, पंचायत स्तर के कर्मचारी और उचित मूल्य दुकान संचालक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। गांव-गांव और वार्ड स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जिससे बुजुर्गों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुविधा मिल सके।

लाभार्थियों के लिए जरूरी अपील

सरकार ने उन सभी लाभार्थियों से अपील की है जिनका ई-केवाईसी अभी तक पूरा नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी राशन दुकान या अधिकृत केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी कराएं। निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन वितरण में परेशानी हो सकती है।

कुल मिलाकर खाद्यान्न सुरक्षा योजना के तहत बढ़ता कवरेज और ई-केवाईसी की प्रगति छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।

Disclaimer

यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और सरकारी आंकड़ों पर आधारित है। योजना से संबंधित नियम, आंकड़े और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं। लाभार्थी सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शासकीय कार्यालय से संपर्क करें। इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।

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