छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर जारी – 18 जिलों में यलो अलर्ट; घने कोहरे और ठंड से जनजीवन प्रभावित

छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर जारी – 18 जिलों में यलो अलर्ट; घने कोहरे और ठंड से जनजीवन प्रभावित

दिनांक: 7 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ में इस समय कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर लगातार देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ-साथ घना कोहरा भी लोगों की परेशानियों का कारण बन रहा है। सुबह और रात के समय ठंड का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

18 जिलों में यलो अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार सहित कुल 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है।

घने कोहरे से बढ़ी परेशानी

सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है। इसका असर सड़क यातायात, रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गरीब और बेघर लोगों पर सबसे ज्यादा असर

शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव गरीब, बुजुर्ग और बेघर लोगों पर पड़ रहा है। रात के समय तापमान में तेज गिरावट के कारण ठंड से बचाव करना मुश्किल हो गया है। कई जिलों में प्रशासन द्वारा रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।

स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर

लगातार ठंड और ठंडी हवाओं के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे वातावरण से बचने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना कम

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक रूप से सुबह व रात के समय बाहर निकलने से बचें।

प्रशासन अलर्ट मोड में

राज्य सरकार और जिला प्रशासन शीतलहर को देखते हुए अलर्ट मोड में है। अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था करने को कहा गया है। आम जनता से भी सहयोग की अपील की गई है।


Disclaimer: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य मौसम जानकारी पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय के साथ बदल सकती है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय प्रशासन या मौसम विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें। इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय की जिम्मेदारी लेखक या वेबसाइट की नहीं होगी।

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