दिनांक: 7 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। राज्य में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2.74 लाख से अधिक लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। यह आंकड़ा नागरिकों में बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और मतदान के प्रति रुचि को दर्शाता है।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान का असर
चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत यह आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस अभियान का उद्देश्य नए मतदाताओं को जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। अभियान के दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए गए।
युवाओं की भागीदारी बढ़ी
आवेदन करने वालों में बड़ी संख्या युवाओं की है, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। पहली बार वोट डालने को लेकर युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का भी इस पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
महिलाओं और ग्रामीण मतदाताओं की सक्रियता
महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय प्रशासन की मदद से महिलाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे लोकतंत्र में उनकी भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।
डिजिटल माध्यमों से मिली सुविधा
ऑनलाइन आवेदन प्रणाली ने नागरिकों के लिए प्रक्रिया को आसान बना दिया है। वोटर हेल्पलाइन ऐप और चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से लोग घर बैठे आवेदन कर पा रहे हैं। इससे समय की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है।
चुनाव आयोग की अपील
राज्य निर्वाचन कार्यालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो समय रहते सुधार कराया जाए, ताकि आगामी चुनावों में किसी को मतदान से वंचित न होना पड़े।
लोकतंत्र को मिलेगी मजबूती
मतदाताओं की संख्या में यह वृद्धि छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत मानी जा रही है। अधिक नागरिकों की भागीदारी से चुनाव प्रक्रिया अधिक सशक्त और प्रतिनिधित्वपूर्ण होगी।
Disclaimer: यह लेख चुनाव आयोग और मीडिया रिपोर्ट्स से प्राप्त सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। आंकड़ों में प्रशासनिक अपडेट के अनुसार परिवर्तन संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि मतदाता सूची या आवेदन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय निर्वाचन कार्यालय से पुष्टि अवश्य करें। इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय की जिम्मेदारी लेखक या वेबसाइट की नहीं होगी।













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