राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ दौरा: द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को जगदलपुर पहुँचेंगी, बस्तर पंडुम का करेंगी उद्घाटन

राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ दौरा: द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को जगदलपुर पहुँचेंगी, बस्तर पंडुम का करेंगी उद्घाटन

दिनांक: 28 जनवरी 2026
लेखक: Ajay Verma

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर दौरे पर आएँगी। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान वे बस्तर पंडुम महोत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बस्तर संभाग में प्रशासनिक तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं और स्थानीय नागरिकों में उत्साह का माहौल है।

बस्तर पंडुम का सांस्कृतिक महत्व

बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख महोत्सव है। इस आयोजन में बस्तर अंचल की विभिन्न जनजातियाँ अपनी पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य, गीत और रीति-रिवाजों के माध्यम से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करती हैं। राष्ट्रपति की उपस्थिति से इस महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तैयारियाँ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जगदलपुर दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल से लेकर मार्गों तक विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि राष्ट्रपति का दौरा पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

आदिवासी समाज के लिए विशेष संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं, इसलिए उनका बस्तर दौरा विशेष महत्व रखता है। माना जा रहा है कि वे इस अवसर पर जनजातीय समुदाय के विकास, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण संदेश दे सकती हैं। इससे स्थानीय लोगों में आत्मगौरव और प्रेरणा की भावना और मजबूत होगी।

राज्य सरकार की भूमिका

छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रपति के दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और विकास की तस्वीर देश के सामने सकारात्मक रूप में प्रस्तुत की जाए।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा

राष्ट्रपति के आगमन से बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने से स्थानीय हस्तशिल्प, कला और पर्यटन स्थलों को पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय कारीगरों और व्यवसायियों को भी आर्थिक लाभ होने की संभावना है।

आगामी कार्यक्रमों पर नजर

राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने की भी संभावना जताई जा रही है। प्रशासन द्वारा आधिकारिक कार्यक्रम सूची जल्द ही जारी की जाएगी। बस्तर के लोग इस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट्स और आधिकारिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। राष्ट्रपति के दौरे से संबंधित कार्यक्रमों में समय या स्थान के अनुसार बदलाव संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि अंतिम और सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी परिवर्तन या त्रुटि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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