धमतरी क्षेत्र अब नक्सलमुक्त घोषित: आत्मसमर्पण और सख्त सुरक्षा उपायों से बदली हालात की तस्वीर

दिनांक: 28 जनवरी 2026
लेखक: Ajay Verma

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और प्रभावी रणनीति के चलते धमतरी क्षेत्र को अब नक्सलमुक्त बताया गया है। हाल के दिनों में नक्सलियों के आत्मसमर्पण और सक्रिय नक्सली गतिविधियों में आई भारी कमी के बाद प्रशासन ने यह दावा किया है। यह उपलब्धि जिले में शांति, विकास और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता

धमतरी जिले में लंबे समय से नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा विशेष अभियान चलाए जा रहे थे। इन अभियानों के तहत सघन सर्च ऑपरेशन, गश्त और खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और कई नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

नक्सलियों का आत्मसमर्पण बना निर्णायक

हाल ही में जिले में कई नक्सलियों ने हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। इससे न केवल नक्सली नेटवर्क कमजोर हुआ, बल्कि अन्य नक्सलियों के लिए भी यह एक संदेश बना कि हिंसा छोड़कर समाज से जुड़ना ही बेहतर विकल्प है।

सुरक्षा व्यवस्था में हुआ व्यापक सुधार

धमतरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती, आधुनिक तकनीक का उपयोग और स्थानीय स्तर पर समन्वय बढ़ाया गया। ग्रामीण इलाकों में सड़क, संचार और प्रशासनिक पहुँच बढ़ने से नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका। सुरक्षा बलों की सतर्कता ने आम नागरिकों में विश्वास भी बढ़ाया है।

स्थानीय लोगों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा

नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि अब वे पहले की तुलना में खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ और विकास कार्य बिना किसी डर के आगे बढ़ रहे हैं, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिली है।

प्रशासन और पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमतरी क्षेत्र में फिलहाल कोई सक्रिय नक्सली गतिविधि दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि क्षेत्र में शांति और विकास की यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे।

भविष्य की रणनीति

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नक्सलमुक्त घोषित होने के बावजूद सतर्कता में कोई कमी नहीं बरती जाएगी। विकास योजनाओं को तेज़ी से लागू करने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि नक्सलवाद की पुनरावृत्ति की कोई संभावना न रहे।


डिस्क्लेमर: यह लेख पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक जानकारी तथा समाचार स्रोतों पर आधारित है। नक्सल गतिविधियों से संबंधित स्थिति समय के साथ बदल सकती है। पाठकों से अनुरोध है कि आधिकारिक घोषणाओं और प्रमाणिक सूचनाओं के आधार पर ही निष्कर्ष निकालें। लेखक या प्रकाशक किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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