दिनांक: 29 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ सरकार ने पशु संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘गौमाता’ विषय पर आधारित फ़िल्म ‘गौदाँ’ को राज्य में टैक्स-फ्री घोषित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह फ़िल्म समाज में गौ-संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।

सरकार के इस निर्णय से फ़िल्म देखने वालों को आर्थिक राहत मिलेगी और अधिक से अधिक लोग इस सामाजिक संदेश से जुड़ सकेंगे। टैक्स-फ्री होने के बाद सिनेमाघरों में टिकट दरें कम होंगी, जिससे आम नागरिकों की पहुंच इस फ़िल्म तक आसान हो जाएगी।
पशु संरक्षण को लेकर सरकार की सोच
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है। पशु संरक्षण केवल धार्मिक भावना से नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ विषय है। सरकार लगातार गौ-संवर्धन और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है।
‘गौदाँ’ फ़िल्म को टैक्स-फ्री करना इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है, जिससे समाज में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।
विकास पहलों पर भी मुख्यमंत्री ने रखी बात
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, रोजगार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में संतुलित विकास के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सामाजिक संदेश देने वाली फ़िल्मों और रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
फ़िल्म उद्योग और दर्शकों में उत्साह
फ़िल्म को टैक्स-फ्री घोषित किए जाने से फ़िल्म निर्माताओं और दर्शकों में उत्साह का माहौल है। फ़िल्म उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसे निर्णय सामाजिक विषयों पर बनने वाली फ़िल्मों को बढ़ावा देंगे। वहीं दर्शकों का कहना है कि वे परिवार के साथ ऐसी फ़िल्में आसानी से देख सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब सरकार समाजोपयोगी विषयों पर आधारित फ़िल्मों को समर्थन देती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिलता है।
सामाजिक संदेश के साथ सांस्कृतिक मजबूती
कुल मिलाकर, ‘गौदाँ’ फ़िल्म को टैक्स-फ्री घोषित करने का निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें विकास के साथ-साथ सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को समान महत्व दिया जा रहा है। यह पहल आने वाले समय में पशु संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य सूचना प्रदान करना है। किसी भी निर्णय या आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं एवं आधिकारिक स्रोतों को ही मान्य माना जाए।













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