दिनांक: 6 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ में नेत्रदान के प्रति बढ़ती जागरूकता के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य में नेत्रदान से लाभान्वित लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे कई नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में एक बार फिर रोशनी लौट रही है। स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से नेत्रदान को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

नेत्रदान जागरूकता अभियानों का असर
पिछले कुछ वर्षों में नेत्रदान को लेकर चलाए गए जागरूकता अभियानों का स्पष्ट असर दिखाई दे रहा है। सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा समय-समय पर नेत्रदान शिविर, जनजागरूकता कार्यक्रम और परामर्श सत्र आयोजित किए गए। इन अभियानों ने लोगों को यह समझाया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से मिली मजबूती
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीकों की उपलब्धता से नेत्र प्रत्यारोपण की प्रक्रिया अधिक सफल और सुरक्षित हो गई है। सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता के कारण ऑपरेशन की सफलता दर में भी सुधार हुआ है। इसी वजह से अधिक संख्या में मरीजों को नेत्रदान का लाभ मिल पा रहा है।
सामाजिक सहभागिता निभा रही अहम भूमिका
नेत्रदान को बढ़ावा देने में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और धार्मिक संगठनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। ये संस्थाएं लोगों को नेत्रदान की प्रक्रिया, कानूनी पहलुओं और इसके सामाजिक महत्व के बारे में जानकारी दे रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब लोग नेत्रदान को लेकर आगे आ रहे हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का संकेत है।
लाभान्वित मरीजों के जीवन में बदलाव
नेत्रदान से लाभ पाने वाले मरीजों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दृष्टि वापस आने से वे न केवल अपने दैनिक कार्य स्वयं कर पा रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। कई मरीजों ने बताया कि नेत्रदान ने उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास भरा है। यह बदलाव समाज के लिए भी प्रेरणादायक है।
सरकार की निरंतर पहल
राज्य सरकार ने नेत्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए हैं। सरकारी अस्पतालों में नेत्रदान से जुड़ी सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है और डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में कोई भी व्यक्ति नेत्रहीनता के कारण जीवन की मुख्यधारा से वंचित न रहे।
नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील
स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्थाओं ने नागरिकों से अपील की है कि वे नेत्रदान के लिए संकल्प लें और अपने परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें। एक छोटा सा निर्णय किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है। नेत्रदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है, जो मृत्यु के बाद भी किसी को देखने की शक्ति प्रदान करती है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख उपलब्ध समाचार जानकारियों, स्वास्थ्य विभाग की सूचनाओं और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। नेत्रदान एवं प्रत्यारोपण से संबंधित अंतिम जानकारी और प्रक्रिया संबंधित अस्पताल या आधिकारिक विभाग से पुष्टि के बाद ही मान्य होगी। कृपया किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक सलाह अवश्य लें।














Leave a Reply