खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स चयन: राज्य में आदिवासी प्रतिभाओं की बड़ी भागीदारी

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स चयन: राज्य में आदिवासी प्रतिभाओं की बड़ी भागीदारी

दिनांक: 8 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को मजबूत करने और आदिवासी युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए चयन ट्रायल का आयोजन किया गया। इस चयन प्रक्रिया में राज्य के विभिन्न जिलों से आए एक हजार से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड मानी जा रही है। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देने का काम कर रहा है, बल्कि आदिवासी समाज में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह भी बढ़ा रहा है।

राज्यभर से उमड़ा खिलाड़ियों का उत्साह

चयन ट्रायल में बस्तर, सरगुजा, कांकेर, कोरिया, जशपुर, रायगढ़ और अन्य आदिवासी बहुल जिलों से खिलाड़ी पहुंचे। पारंपरिक खेलों के साथ-साथ आधुनिक खेल विधाओं में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। ट्रायल स्थल पर सुबह से ही खिलाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं, जो इस बात का प्रमाण है कि आदिवासी युवाओं में खेल को लेकर गहरी रुचि और समर्पण है।

पारंपरिक खेलों को मिल रहा बढ़ावा

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आदिवासी समुदायों के पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया जाता है। तीरंदाजी, कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो जैसे खेलों के साथ-साथ स्थानीय पारंपरिक खेलों में भी प्रतिभाओं को परखा गया। इससे न केवल इन खेलों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।

सरकार और खेल विभाग की सक्रिय भूमिका

राज्य सरकार और खेल विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से आयोजित किया गया। अनुभवी कोच, खेल विशेषज्ञ और चयनकर्ताओं की मौजूदगी में खिलाड़ियों का प्रदर्शन आंका गया। अधिकारियों ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों को आगे विशेष प्रशिक्षण, आवासीय शिविर और आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकें।

युवाओं के लिए नए अवसर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स आदिवासी युवाओं के लिए केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का माध्यम बन रहा है। चयनित खिलाड़ियों को सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और खेल कोटे के तहत रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं। इससे खेल को करियर के रूप में अपनाने की दिशा में आदिवासी युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ की खेल पहचान को मिलेगी नई मजबूती

इस तरह के बड़े आयोजन से छत्तीसगढ़ की पहचान एक उभरते खेल राज्य के रूप में मजबूत हो रही है। आदिवासी क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले खिलाड़ी आने वाले समय में प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के चयन ट्रायल ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है।

डिस्क्लेमर

यह लेख उपलब्ध समाचार स्रोतों और सामान्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी आधिकारिक निर्णय, चयन सूची या योजना से संबंधित सटीक जानकारी के लिए संबंधित विभाग या आधिकारिक वेबसाइट पर अवश्य संपर्क करें।

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