पूर्व गृहमंत्री का बड़ा बयान — नक्सलवाद खत्म करना मुश्किल

पूर्व गृहमंत्री का बड़ा बयान — नक्सलवाद खत्म करना मुश्किल

दिनांक: 11 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक प्रदेश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उनके अनुसार अभी भी लगभग 200 नक्सली सक्रिय हैं, जिनकी मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

समय-सीमा पर उठाए सवाल

पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि नक्सल समस्या कई वर्षों से चली आ रही है और यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और भौगोलिक चुनौतियों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि निश्चित समय-सीमा तय कर समस्या के पूर्ण समाधान का दावा करना वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है।

सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना

ताम्रध्वज साहू ने सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में कई सफल ऑपरेशन हुए हैं। अनेक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और कई बड़े माओवादी नेता मारे गए हैं। इसके बावजूद दूरस्थ और वन क्षेत्रों में अब भी कुछ गुट सक्रिय हैं।

विकास और संवाद की आवश्यकता

उन्होंने यह भी कहा कि केवल सुरक्षा कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और रोजगार के अवसरों का विस्तार आवश्यक है। स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और विश्वास बहाली के प्रयास तेज करना समय की मांग है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

पूर्व गृहमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ कठोर और समन्वित रणनीति के साथ काम कर रही है, जबकि विपक्ष समय-सीमा आधारित दावों पर सवाल उठा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में शांति स्थापना के लिए दीर्घकालिक और बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है। सुरक्षा, विकास और सामाजिक समावेशन के संतुलन से ही नक्सल समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकता है।


Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार स्रोतों और बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विभाग या अधिकृत स्रोत से सत्यापन करना आवश्यक है।

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