मानसून से पहले नगर निगम सतर्क
धमतरी नगर निगम ने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। निगम ने शहर की 50 से अधिक जर्जर और खतरनाक इमारतों की पहचान की है और उनके मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। यह कदम संभावित जनहानि को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इमारतों की हालत बेहद खराब
इन इमारतों की दीवारों में गहरी दरारें हैं, छतें कमजोर हो चुकी हैं और कुछ स्थानों पर नींव भी खिसकने लगी है। इन परिस्थितियों में, मानसून की तेज बारिश इन ढांचों को और अधिक कमजोर बना सकती है, जिससे बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
नगर निगम की सख्त चेतावनी
नगर निगम द्वारा जारी किए गए नोटिस में भवन मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत इन इमारतों की मरम्मत कराएं या उन्हें गिरा दें। यदि मालिक इस पर कार्रवाई नहीं करते, तो नगर निगम खुद कार्यवाही करेगा और खर्च संबंधित मालिक से वसूला जाएगा। साथ ही किसी दुर्घटना की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
नगर निगम आयुक्त ने बताया, “हमारी टीमों ने शहर के विभिन्न वार्डों में सर्वेक्षण कर खतरनाक भवनों की सूची तैयार की है। हमारा प्रयास है कि मानसून से पहले सभी जरूरी सुरक्षा उपाय कर लिए जाएं ताकि किसी भी जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।”
नागरिकों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय समय पर लिया गया है और इससे शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। कुछ लोगों ने कहा कि यह कदम काफी समय से लंबित था और प्रशासन को ऐसे मामलों में लगातार सतर्क रहना चाहिए।
भवन मालिकों की आपत्ति
कुछ भवन मालिकों ने आपत्ति जताई है कि उन्हें बहुत कम समय दिया गया है और मरम्मत कार्य के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। नगर निगम का कहना है कि जरूरतमंदों के लिए सहायता योजना पर विचार किया जा रहा है, ताकि वे भी अपने भवन सुरक्षित बना सकें।
निष्कर्ष
धमतरी नगर निगम का यह निर्णय न केवल मानसून पूर्व एहतियाती उपाय है, बल्कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक प्रयास भी है। समय रहते उठाए गए ऐसे कदम शहर को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नगर निगम की यह कार्रवाई अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है, जहाँ इसी प्रकार की समस्या मौजूद है।












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