धमतरी | दिनांक : 31 अगस्त 2025
बिजली दरों में बढ़ोतरी और हाफ बिल योजना में कटौती
प्रदेश की साय सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना में कटौती करते हुए बिजली दरों में वृद्धि कर दी है। अब उपभोक्ताओं को सितंबर माह से 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ी दर पर बिजली बिल का भुगतान करना होगा।

1 सितंबर से 100 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने पर हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इससे उपभोक्ताओं पर एक साथ दोहरी मार पड़ रही है — एक ओर दरों में वृद्धि, दूसरी ओर योजना से वंचित होना।
शरद लोहाना ने साधा निशाना
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शरद लोहाना ने इस नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह जनता की जेब पर सरकार की डकैती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की साय सरकार आम जनता को लगातार आर्थिक रूप से लूट रही है।
उन्होंने बताया कि हाफ बिल योजना की लिमिट को 400 यूनिट से घटाकर 100 यूनिट कर दिया गया है। बीते 18 महीनों में यह चौथी बार है जब बिजली दरें बढ़ाई गई हैं।
कितने उपभोक्ता होंगे प्रभावित?
जिले में कुल 2.27 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 1.62 लाख उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले रहे थे। अब, नए नियमों के अनुसार, 1 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इस लाभ से वंचित होना पड़ेगा।
बिजली दर वृद्धि का ऐतिहासिक विश्लेषण
लोहाना ने कहा कि 2003 से 2018 तक भाजपा की रमन सरकार के कार्यकाल में बिजली दरों में 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- 2003-04: ₹3.30 प्रति यूनिट
- 2017-18: ₹6.40 प्रति यूनिट (+₹3.10)
- 2018-19: ₹5.93 (-₹0.47)
- 2019-20: ₹5.93 (स्थिर)
- 2020-21: ₹6.08 (+₹0.15)
- 2021-22: ₹6.22 (+₹0.14)
- 2023-24: ₹6.22 (स्थिर)
- 2025: ₹7.02 (+₹0.80, साय सरकार के तहत)
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के 5 वर्षों में कुल वृद्धि मात्र ₹0.02 (0.32%) रही, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार में डेढ़ साल में ₹0.80 (13%) की वृद्धि हुई है।
संसाधन हमारे, लेकिन बिजली महंगी?
लोहाना ने सवाल उठाया — “कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी, फिर भी हमें महंगे दर पर बिजली क्यों बेची जा रही है?”
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता और अधिकारी एसी में आराम कर रहे हैं जबकि सरकारी विभाग खुद के बिजली बिल जमा नहीं कर रहे। इन बकायों की भरपाई जनता से की जा रही है।
केंद्र की गलत नीतियां और अडानी कनेक्शन
लोहाना ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना बढ़ा दिया गया है, रेलवे माल भाड़ा भी अधिक वसूला जा रहा है, और थर्मल प्लांट्स को अडानी की कंपनी से महंगे कोयले की खरीद के लिए बाध्य किया जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि प्रधानमंत्री की सूर्य घर योजना और राज्य की सब्सिडी योजनाएं कहीं अडानी समूह को फायदा पहुंचाने की योजना तो नहीं? क्योंकि 90% सोलर पैनल उपकरण अडानी द्वारा निर्मित होते हैं।
महतारी वंदन योजना से बिजली बिल की वसूली?
लोहाना ने दावा किया कि महिलाओं को मिलने वाले ₹1000 की राशि को सरकार बिजली बिल बढ़ाकर और हाफ योजना समाप्त कर वापस ले रही है। उन्होंने इसे आम जनता के साथ धोखा करार दिया।
⚠️ डिस्क्लेमर:
यह समाचार विभिन्न वक्तव्यों और स्थानीय रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें व्यक्त किए गए विचार वक्ता (शरद लोहाना) के निजी हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार की राय बनाने से पहले अधिकृत स्रोतों से पुष्टि करें।














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