तिथि: 11 सितंबर 2025 | स्थान: धमतरी, छत्तीसगढ़
धमतरी शहर में जर्जर और खस्ताहाल मकानों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। नगर निगम की हालिया सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, शहर में 50 से अधिक मकान ऐसे पाए गए हैं जो किसी भी समय ।

इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने इन सभी भवनों को ‘जर्जर घोषित’ कर दिया है और मकान मालिकों को 7 दिनों के भीतर मरम्मत या ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। निगम द्वारा कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई न करने पर निगम खुद उचित कदम उठाएगा और उसका खर्च संबंधित मकान मालिकों से वसूला जाएगा।
मकान मालिकों को जारी किया गया नोटिस
नगर निगम की ओर से संबंधित सभी मकान मालिकों को लिखित नोटिस भेजे गए हैं। इन नोटिसों में स्पष्ट किया गया है कि भवन की स्थिति खतरे की सीमा से ऊपर है और इसके कारण आसपास रहने वाले लोगों की जान को खतरा है।
निगम ने मकान मालिकों से यह भी कहा है कि यदि वे स्वेच्छा से मरम्मत या ध्वस्तीकरण नहीं कराते हैं, तो नगर निगम स्वयं उस पर कार्रवाई करेगा।
निगम का कहना
धमतरी नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “मानसून के मौसम में ऐसी इमारतें अधिक खतरनाक हो जाती हैं। इसीलिए हमने सर्वे करवाकर खतरनाक इमारतों की सूची बनाई है। पहले हम नोटिस देंगे, फिर कार्रवाई करेंगे।”
उन्होंने बताया कि निगम की टीम ने नगरी रोड, रामनगर, गोविंदपुर, और लालबगीचा क्षेत्रों में निरीक्षण कर कई मकानों की तस्वीरें और रिपोर्ट तैयार की हैं।
स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया
कुछ मकान मालिकों ने निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि वे वित्तीय तंगी के कारण मरम्मत नहीं करवा पा रहे हैं। वहीं कई स्थानीय निवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि यह कदम जन सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
स्थानीय पार्षदों ने निगम से अनुरोध किया है कि गरीब मकान मालिकों को सरकारी सहायता या सब्सिडी दी जाए ताकि वे अपने मकानों की मरम्मत करवा सकें।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार रिपोर्ट्स और स्थानीय स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी पूर्णतया सूचना हेतु है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार की कानूनी या आधिकारिक कार्रवाई से पहले संबंधित विभाग या अधिकारी से पुष्टि अवश्य करें। लेखक या वेबसाइट किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेती।













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