धमतरी में दंतैल हाथियों का कहर

धमतरी में दंतैल हाथियों का कहर

प्रकाशन तिथि: 15 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के दुगली रेंज क्षेत्र में इन दिनों ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। इसका कारण है छह दंतैल हाथियों का लगातार विचरण, जो जंगल की सीमाओं को पार कर खेतों और बस्तियों तक पहुँच रहे हैं। इन हाथियों द्वारा की गई तोड़फोड़ से फसलें बर्बाद हो रही हैं और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का यह दल बीते कई दिनों से दुगली रेंज के आसपास घूम रहा है। पहले ये जंगल में सीमित थे, लेकिन अब ये खेतों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे धान और अन्य रबी फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई किसान पूरी फसल बर्बाद होने से चिंतित हैं, क्योंकि उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है।

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा ले रही है। अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही इन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस ले जाने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही सर्वे कर किसानों को मुआवजा देने की भी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

वन विभाग की चेतावनी

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय खेतों की रखवाली न करें और किसी भी स्थिति में हाथियों के पास जाने की कोशिश न करें। विभाग की ओर से गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही गश्ती दलों को तैनात किया गया है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

स्थानीय प्रशासन की भूमिका

धमतरी जिला प्रशासन ने कहा है कि इस विषय को गंभीरता से लिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए दीर्घकालिक योजना पर भी काम किया जाएगा, जिसमें हाथी-कोरिडोर चिन्हित कर अवरोधक उपाय किए जाएंगे।

निष्कर्ष: धमतरी के दुगली रेंज में हाथियों की आवाजाही एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। वन विभाग और प्रशासन मिलकर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक ग्रामीणों को सावधानी बरतनी होगी।

Disclaimer: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और स्थानीय रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी सत्यता की पूरी गारंटी नहीं देती। कृपया अधिक जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों या प्रमाणित समाचार माध्यमों से संपर्क करें।

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