रायपुर — 29 सितंबर 2025
छत्तीसगढ़: राज्य के गृह मंत्री ने हाल ही में बयान देते हुए कहा कि यदि नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं तो सरकार उन्हें “रेड कार्पेट वेलकम”

गृह मंत्री ने कहा कि लंबे समय से चल रही नक्सल समस्या का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा अभियान से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए संवाद और विश्वास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के लिए दरवाज़े हमेशा खुले रखेगी, बशर्ते वे हथियार छोड़कर शांति और विकास का मार्ग अपनाएँ।
उन्होंने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास पैकेज के तहत आर्थिक सहायता, शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोज़गार की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, उनके परिवारों को भी सामाजिक और आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए विशेष योजनाएँ चलाई जाएँगी।
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे का विकास करना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर नक्सली हिंसा छोड़ दें तो उन इलाकों में तेज़ी से विकास कार्य कराए जा सकेंगे और स्थानीय जनता को स्थायी शांति मिलेगी।
इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज़ हो गई है। कुछ विशेषज्ञ इसे सकारात्मक पहल बताते हैं जबकि कुछ का मानना है कि नक्सलियों के प्रति इतनी सहानुभूति दिखाने से सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत पर असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार का रुख साफ है कि हिंसा छोड़ने वाले हर नक्सली का स्वागत किया जाएगा।
गृह मंत्री ने अंत में कहा कि अब समय आ गया है जब छत्तीसगढ़ को भय और हिंसा की छाया से बाहर निकालकर शांति और विकास की ओर ले जाया जाए। “रेड कार्पेट वेलकम” का संदेश उसी दिशा में एक मजबूत संकेत है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी बयानों पर आधारित है। किसी भी तथ्य या आँकड़े में बदलाव संभव है। सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक स्रोत या सरकारी प्रेस विज्ञप्ति देखें।













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