NIA ने माओवादी समर्थकों के खिलाफ चार्जशीट दायर की .

NIA ने माओवादी समर्थकों के खिलाफ चार्जशीट दायर की

प्रकाशित तिथि: 2 अक्टूबर 2025

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों को आर्थिक समर्थन देने के आरोप में चार और लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। यह कार्रवाई माओवादी नेटवर्क के आर्थिक आधार को कमजोर करने की दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है। NIA द्वारा दायर की गई यह चार्जशीट देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

NIA ने माओवादी समर्थकों के खिलाफ चार्जशीट दायर की

जांच की पृष्ठभूमि

NIA को खुफिया इनपुट्स के जरिए जानकारी मिली थी कि कुछ व्यक्ति माओवादी संगठनों को धन, संसाधन और रसद सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र में कई स्थानों पर छापेमारी की गई थी। NIA ने इस नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन को ट्रैक करते हुए सबूत जुटाए और चार लोगों की पहचान की जो इस नेटवर्क के सक्रिय सहयोगी थे।

आरोपियों पर लगे आरोप

चार्जशीट में जिन चार व्यक्तियों के नाम शामिल हैं, उन पर आरोप है कि वे माओवादी संगठनों को नियमित रूप से धन मुहैया कराते थे। इसके अलावा, वे संगठन के लिए हथियारों की आपूर्ति, खाने-पीने की वस्तुएं और गोपनीय सूचनाएं भी पहुंचाते थे। इन आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और नकद राशि भी बरामद की गई है।

NIA की सक्रियता

NIA पिछले कुछ वर्षों से माओवादी नेटवर्क पर कड़ी नजर बनाए हुए है। वित्तपोषण करने वाले समूहों और व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत लाना एजेंसी की प्राथमिकता रही है। छत्तीसगढ़ जैसे माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्रवाई सरकार की नीति “Zero Tolerance Against Terrorism” को बल देती है।

राज्य में प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ के सुरक्षा तंत्र में एक सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई है। राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से राज्य में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिल रही है। आम नागरिकों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है और आशा जताई है कि ऐसे कदम राज्य को हिंसा मुक्त बनाएंगे।

डिस्क्लेमर:

यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी की प्रमाणिकता के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेजों का संदर्भ अवश्य लें। यह लेख केवल सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक सलाह हेतु अधिकृत स्रोतों से संपर्क करें।

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