कुरूद, धमतरी —
कुरूद में जनपद पंचायत भवन पर दिव्यांगजनों के सम्मान के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर उपस्थित रहे और उन्होंने दिव्यांगजनों को सम्मानित करते हुए उनके अधिकारों और समाज में उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और नागरिकों ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज में उनके योगदान के लिए मान्यता देना और उन्हें प्रोत्साहित करना था। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह से दिव्यांगजन आत्मविश्वास महसूस करते हैं और समाज में अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकते हैं।
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का संबोधन
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर और सशक्तिकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय संगठनों से यह आग्रह किया कि दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर और बेहतर किए जाएँ। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम भी दिव्यांगजनों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
स्थानीय समुदाय की भागीदारी
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और शिक्षकों ने भी भाग लेकर दिव्यांगजनों के साथ मिलकर उन्हें सम्मानित किया। बच्चों और युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं और उनके द्वारा तैयार की गई कला व प्रदर्शन ने कार्यक्रम को और भी विशेष बनाया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में समावेशिता और संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करते हैं।
भविष्य की योजनाएँ
स्थानीय प्रशासन ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे और दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण, रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाएंगे। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें समाज में समान सम्मान और पहचान मिले।
निष्कर्ष
कुरूद में दिव्यांगजनों का सम्मान समारोह यह संदेश देता है कि समाज में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है और उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए। इस तरह के कार्यक्रम न केवल दिव्यांगजनों को सशक्त बनाते हैं, बल्कि पूरे समाज में समानता और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत करते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख स्थानीय समाचार और आयोजकों के बयानों पर आधारित है। इसे किसी भी कानूनी, वित्तीय या आधिकारिक सलाह के रूप में न लिया जाए। सटीक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी या सामाजिक संस्थाओं से संपर्क करें।













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