महिला-अनुकूल इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पायलट प्रोजेक्ट — छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल.

महिला-अनुकूल इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पायलट प्रोजेक्ट — छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कृषि क्षेत्र को और अधिक समावेशी और पर्यावरण-मित्र बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में महिला-अनुकूल इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य महिला किसानों को सशक्त बनाना और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना है।

👉 परियोजना की शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री की उपस्थिति में इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से आई महिला किसानों ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का प्रदर्शन भी देखा। यह ट्रैक्टर पारंपरिक डीज़ल ट्रैक्टरों की तुलना में हल्का, प्रदूषण रहित और रखरखाव में आसान है।

👉 परियोजना का उद्देश्य

  • महिला किसानों को कृषि कार्यों में आत्मनिर्भर बनाना।
  • कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना।
  • कृषि उत्पादन लागत को घटाना और ऊर्जा की बचत करना।

इस इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को विशेष रूप से महिलाओं के अनुकूल डिजाइन किया गया है ताकि उन्हें चलाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसका वजन कम है और यह कम चार्जिंग समय में अधिक काम करने में सक्षम है।

👉 तकनीकी विशेषताएँ

  • पूरी तरह बैटरी-चालित प्रणाली
  • एक बार चार्ज में 8 घंटे तक कार्य करने की क्षमता
  • कम शोर, बिना धुआँ और रखरखाव में कम लागत
  • स्मार्ट कंट्रोल पैनल और सुरक्षा फीचर्स

👉 किसानों की प्रतिक्रिया

इस पहल को लेकर महिला किसानों में उत्साह देखा गया है। कई महिला कृषक संघों ने इसे “खेती में नई क्रांति” बताया। उनका मानना है कि इस प्रकार के प्रयास महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे बल्कि पर्यावरण-संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

👉 भविष्य की योजना

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले चरण में इस इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर योजना को सभी जिलों में लागू किया जाए। इसके लिए सरकार निजी कंपनियों और कृषि संस्थानों के साथ साझेदारी करने की तैयारी में है। साथ ही, किसानों को सब्सिडी और प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।


📢 Disclaimer:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस परियोजना से जुड़ी आधिकारिक और अद्यतन जानकारी के लिए पाठकों को छत्तीसगढ़ सरकार या इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की आधिकारिक वेबसाइट पर अवश्य जाना चाहिए। किसी भी त्रुटि या अद्यतन परिवर्तन के लिए लेखक या वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।

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