4 दिसंबर 2025 — लेखक: Ajay Verma
आज की तिथि और पंचांग सार
आज 4 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा का पवित्र दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह तिथि पूजा-पाठ, दान-पुण्य और कई धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन चंद्रमा की स्थिति अनुकूल रहने से आध्यात्मिक ऊर्जाओं का प्रभाव भी अधिक होता है।

सूर्योदय-सूर्यास्त व चंद्र स्थिति
आज सूर्योदय लगभग सुबह 06:59 बजे और सूर्यास्त लगभग 05:24 बजे है। चंद्रमा आज वृषभ राशि में स्थित है, जो पूजा-व्रत और मानसिक शांति के लिए शुभ माना जाता है। स्थानीय स्थान के अनुसार समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
राहुकाल (Rahu Kaal)
आज राहुकाल दोपहर के समय रहेगा। आमतौर पर यह समय 01:30 PM से 03:00 PM के बीच माना गया है। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य, नया कार्यारंभ या धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ करना टालना चाहिए।
मुख्य शुभ मुहूर्त
आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त और कई अन्य छोटे शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। सत्यनारायण भगवान की पूजा, व्रत, जप-ध्यान और दान इस दिन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति मानी जाती है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय आता है और धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम रहता है।
पूजा-विधि और परंपरा
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर प्रातः स्नान करके विष्णु भगवान और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। तुलसी पूजा, दीपदान, सत्यनारायण व्रत-पूजा, और अनाज, वस्त्र या भोजन का दान शुभ माना गया है। शाम को चंद्रोदय के समय चंद्र दर्शन और जल अर्पण करना मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
धार्मिक महत्व
माना जाता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनोकामना पूर्ति का दिन है। इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है। कई स्थानों पर भक्त वृत्त स्थापित कर विशेष भजन-कीर्तन भी आयोजित करते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख आम जन-सूचना और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के आधार पर तैयार किया गया है। शुभ मुहूर्त और समय स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले अपने स्थानीय पंडित या विश्वसनीय पंचांग की पुष्टि अवश्य करें।











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