अभूझमाड़ से महाराष्ट्र को सड़क कनेक्टिविटी

अभूझमाड़ से महाराष्ट्र को सड़क कनेक्टिविटी

अभूझमाड़ से महाराष्ट्र को सड़क कनेक्टिविटी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नक्सल प्रभावित अभूझमाड़ क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ₹152 करोड़ की सड़क परियोजना को मंजूरी दी है, जिससे अभूझमाड़ को पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से जोड़ा जाएगा। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब इसके साकार होने की दिशा में काम शुरू हो चुका है।

अभूझमाड़ छत्तीसगढ़ का सबसे दुर्गम इलाका माना जाता है, जहाँ अब तक सड़क और संचार सुविधाएँ सीमित रही हैं। प्रस्तावित सड़क के बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं तक आसान पहुँच मिलेगी। साथ ही यह सड़क प्रशासनिक गतिविधियों और विकास योजनाओं को भी गति देगी।

राज्य सरकार के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग ₹152 करोड़ की लागत आएगी और इसे लोक निर्माण विभाग (PWD) की निगरानी में पूरा किया जाएगा। सड़क का निर्माण लगभग 65 किलोमीटर लंबे मार्ग पर किया जाएगा, जो कांकेर और नारायणपुर जिलों से होकर गुजरेगा। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य को 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “अभूझमाड़ का विकास हमारी प्राथमिकता है। यह सड़क परियोजना न केवल क्षेत्र को महाराष्ट्र से जोड़ेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार लाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सड़क बनने के बाद सुरक्षा बलों की आवाजाही आसान होगी, जिससे नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों, ड्राइवरों और मशीन ऑपरेटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही स्थानीय वन उत्पादों और कृषि उपज को बाजार तक पहुँचाने में भी यह सड़क बड़ी भूमिका निभाएगी।

विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यह सड़क केवल भौतिक कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि विश्वास और प्रगति की राह भी है। अभूझमाड़ जैसे क्षेत्र में सड़क निर्माण से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे। इस परियोजना से न केवल राज्य का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

डिस्क्लेमर

यह समाचार सरकारी प्रेस विज्ञप्ति और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। परियोजना से जुड़े सभी आंकड़े और विवरण समय-समय पर संशोधित या अद्यतन हो सकते हैं। इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है — इसे किसी भी सरकारी अधिसूचना या नीति दस्तावेज का आधिकारिक विकल्प न माना जाए।

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