AEBAS बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य: महानदी भवन और इंद्रावती भवन से आज से लागू

AEBAS बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य: महानदी भवन और इंद्रावती भवन से आज से लागू

दिनांक: 1 दिसंबर 2025 | लेखक: Ajay Verma

नई प्रणाली का उद्देश्य

छत्तीसगढ़ सरकार ने आज से महानदी भवन और इंद्रावती भवन में कार्यरत सभी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) को अनिवार्य कर दिया है। यह कदम सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने, हाजिरी के रिकॉर्ड को सुदृढ़ करने तथा मनमानी गैर-हाजिरी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

AEBAS क्या है?

AEBAS यानी Aadhaar Enabled Biometric Attendance System का लक्ष्य कार्यालयी समय-पालन को प्रभावी बनाना और उपस्थिति डेटा को वास्तविक समय में मॉनिटर करना है। सरकार ने बताया है कि इससे पेरोल और उपस्थिति से जुड़ी गलतियों में कमी आएगी तथा कर्मचारी सुविधाओं के लाभ का सही लाभार्थी तक पहुंच सुनिश्चित होगा।

प्रणाली का तकनीकी ढांचा

नए आदेश के तहत दोनों भवनों में लगे सभी बायोमेट्रिक मशीनों को अद्यतन सॉफ़्टवेयर और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा, ताकि उपस्थिति डेटा केंद्रीय सर्वर पर सुरक्षित रूप से भेजा जा सके। विभागीय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फिंगरप्रिंट अथवा आईरिस स्कैन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज होगी और किसी भी प्रकार की फ्रॉड गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुरानी प्रणाली की कमियाँ

सरकारी अधिकारी कह रहे हैं कि पहले की मौजूदगी व मैन्युअल पंजी-पत्री पद्धति में त्रुटियाँ और छेड़छाड़ संभव थी; AEBAS इन कमजोरियों को दूर करता है। साथ ही, यह उपाय उन कर्मचारियों के लिए भी फायदेमंद होगा जो दूरस्थ तैनाती या ड्यूटी रोटेशन पर हैं — उनके उपस्थिति रिकॉर्ड तुरंत सेंट्रल पोर्टल पर उपलब्ध होंगे।

गोपनीयता और डेटा सुरक्षा

हालांकि कुछ कर्मचारियों ने गोपनीयता और बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि डेटा एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत होगा और केवल अधिकृत अधिकारियों द्वारा ही देखा जा सकेगा। इसके साथ ही कर्मचारियों के व्यक्तिगत Aadhaar नंबर सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे; केवल उपस्थिति-प्रमाणन के लिए बायोमेट्रिक टोकन का उपयोग किया जाएगा।

प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता

प्रशासन ने बताया कि प्रारंभिक चरण में प्रणाली के संचालन हेतु प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे और तकनीकी सहायता की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी तकनीकी समस्या या आपत्ति की स्थिति में कर्मचारियों को विशेष हेल्पडेस्क पर रिपोर्ट करने का मार्ग निर्धारित किया गया है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AEBAS को सावधानी और कड़े डेटा सुरक्षा उपायों के साथ लागू किया जाए तो यह सरकारी कामकाज में ईमानदारी और कुशलता लाने में सार्थक योगदान देगा। वहीं, नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा कर-आधारित व अन्य लाभों का न्यायसंगत वितरण भी अपेक्षित है।

निष्कर्ष

अंत में, यह बदलाव प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बशर्ते गोपनीयता संरक्षण और तकनीकी मजबूती के मानदंडों का पूर्ण पालन किया जाए।

डिसक्लेमर: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं और प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के आधार पर लिखा गया है। लेख में दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है। यदि आप अपने विभाग से संबंधित विशिष्ट मार्गदर्शन चाहते हैं या व्यक्तिगत शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो कृपया संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पडेस्क से संपर्क करें।

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