प्रकाशन तिथि: 18 सितंबर 2025 | स्थान: बलौदाबाज़ार, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाज़ार जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत 106 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद यह कार्यवाही की गई है। बताया जा रहा है कि ये सभी कर्मचारी बीते कई दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।

बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में एएनएम, लैब टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य संविदा कर्मी शामिल हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मुख्य मांगें थीं – नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, और सेवा सुरक्षा। सरकार द्वारा मांगों की अनदेखी करने के विरोध में यह आंदोलन शुरू किया गया था।
प्रशासन ने हड़ताल को ‘जनहित के विरुद्ध’ बताते हुए कड़ी चेतावनी दी थी। इसके बावजूद जब कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे, तब कड़ा निर्णय लेते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई है, वहीं आम जनता को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं ठप पड़ी रहीं। कई गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और गंभीर रोगियों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ा, जिससे उनकी आर्थिक हालत पर भी असर पड़ा है।
दूसरी ओर, कर्मचारी संगठनों ने इस बर्खास्तगी को ‘तानाशाही निर्णय’ बताया है और राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं, वे चुप नहीं बैठेंगे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि संविदा पर कार्य कर रहे हजारों कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवा दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थाई नहीं किया जा रहा।
वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि मरीजों की जिंदगी के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। यदि हड़ताल से जान जोखिम में आती है, तो सरकार को सख्त निर्णय लेने ही पड़ेंगे।
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