प्रकाशित: 31 अक्टूबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता अब 500 गीगावॉट (GW) से अधिक हो गई है। यह कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। इस उपलब्धि से भारत विश्व के शीर्ष स्वच्छ ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल हो गया है।

सौर और पवन ऊर्जा का प्रमुख योगदान
भारत की कुल नवीकरणीय क्षमता में सबसे अधिक योगदान सौर और पवन ऊर्जा का रहा है। सौर ऊर्जा ने लगभग 290 GW और पवन ऊर्जा ने लगभग 160 GW क्षमता हासिल की है। जलविद्युत, बायोमास और हरित हाइड्रोजन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग दिया है।
सरकारी नीतियों का प्रभाव
सरकार की “राष्ट्रीय सौर मिशन”, “हरित ऊर्जा गलियारा परियोजना” और “प्रधानमंत्री कुसुम योजना” जैसी नीतियों ने इस सफलता की नींव रखी। साथ ही, निजी निवेशकों और विदेशी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी ने भी नवीकरणीय क्षेत्र को गति दी है।
वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति
500 GW की सीमा पार कर भारत अब अमेरिका और चीन के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक देश बन गया है। यह मील का पत्थर भारत की 2030 तक 50 % स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।
भविष्य की योजनाएँ
भारत अब “नेट-जीरो 2050” के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। आने वाले वर्षों में सरकार हरित हाइड्रोजन उत्पादन, सोलर-स्टोरेज सिस्टम, और ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं में भारी निवेश की योजना बना रही है।
Disclaimer: यह लेख सरकारी आँकड़ों और ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्टों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना हेतु है। आधिकारिक और नवीनतम आँकड़ों के लिए ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट देखें।













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