भारतीय शेयर बाजार में सेक्टरवार उतार-चढ़ाव — मेटल, ऊर्जा और फार्मा सेक्टर में तेजी

भारतीय शेयर बाजार में सेक्टरवार उतार-चढ़ाव — मेटल, ऊर्जा और फार्मा सेक्टर में तेजी

लेखक: Ajay Verma | दिनांक: 29 अक्टूबर 2025

बाजार में मिला मिश्रित संकेत

भारतीय शेयर बाजार में आज 29 अक्टूबर 2025 को मिश्रित रुझान देखने को मिला। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक पर टिकी रही, जबकि घरेलू स्तर पर कई सेक्टरों ने मजबूत प्रदर्शन किया। मेटल, ऊर्जा और फार्मा सेक्टरों ने बाजार को स्थिरता प्रदान की, वहीं ऑटो और निजी बैंकिंग सेक्टरों में कुछ दबाव बना रहा।

मेटल, ऊर्जा और फार्मा सेक्टर में बढ़त

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मेटल सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कमोडिटी कीमतों और चीन में उत्पादन सुधार से समर्थन मिला। Tata Steel और JSW Steel के शेयरों में 2% तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में कच्चे तेल की स्थिर कीमतों से ONGC और Reliance Industries को मजबूती मिली। फार्मा सेक्टर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिसमें Sun Pharma और Dr. Reddy’s Labs ने 1.5% से 2% तक की बढ़त दिखाई।

ऑटो और निजी बैंकिंग सेक्टर दबाव में

दूसरी ओर, ऑटोमोबाइल सेक्टर पर बिक्री में सुस्ती और बढ़ती इनपुट लागतों का असर दिखा। Maruti Suzuki और Tata Motors के शेयरों में मामूली गिरावट आई। निजी बैंकिंग सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली, जिसमें HDFC Bank और ICICI Bank के शेयर 0.5% से 1% तक गिरे। विश्लेषकों का मानना है कि ब्याज दरों से जुड़ी अनिश्चितता और क्रेडिट ग्रोथ में धीमापन इस दबाव का प्रमुख कारण है।

विदेशी निवेश और वैश्विक रुझान का प्रभाव

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी और एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझानों का असर भारतीय बाजार पर भी देखा गया। विदेशी निवेशकों (FIIs) की आंशिक वापसी ने बाजार को सहारा दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरों में कटौती करता है, तो भारतीय बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

निवेशकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को डिफेंसिव सेक्टरों जैसे फार्मा, एफएमसीजी और ऊर्जा में ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वहीं, ऑटो और बैंकिंग में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बने रहेंगे। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव निवेश के लिए भरोसेमंद आधार प्रदान कर रही है।

डिस्क्लेमर

सूत्र: यह लेख आर्थिक समाचार एजेंसियों, बीएसई-एनएसई डेटा और विशेषज्ञ विश्लेषण पर आधारित है।

उत्तरदायित्व: इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है; निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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