मजदूरी बढ़ोतरी की मांग में आंदोलन, 2 मध्याह्न भोजन रसोईया की मौत

मजदूरी बढ़ोतरी की मांग में आंदोलन, 2 मध्याह्न भोजन रसोईया की मौत

दिनांक: 29 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ द्वारा मजदूरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। हड़ताल के दौरान दो मध्याह्न भोजन रसोईया की स्वास्थ्य संबंधी कारणों से मौत हो गई। इस घटना के बाद राज्य में रसोईया कर्मचारियों की स्थिति और उनकी मांगों को लेकर बहस तेज हो गई है।

रसोईया संघ का कहना है कि लंबे समय से कम मानदेय, बढ़ती महंगाई और कार्यभार के दबाव के कारण कर्मचारी गंभीर आर्थिक और मानसिक तनाव में हैं। आंदोलन के दौरान हुई इन मौतों ने सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेहतर वेतन की मांग को लेकर जारी हड़ताल

मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े रसोईया कर्मचारी राज्यभर में लंबे समय से अपने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। संघ का कहना है कि मौजूदा मजदूरी से परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसी कारण रसोईया संघ ने सामूहिक रूप से हड़ताल का रास्ता अपनाया है।

हड़ताल के चलते कई स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य कारणों से दो रसोईया की मौत

संघ के अनुसार, आंदोलन के दौरान दो महिला रसोईया की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों लंबे समय से बीमार थीं और आर्थिक तंगी के कारण उचित इलाज नहीं करा पा रही थीं।

इस घटना के बाद रसोईया संघ ने सरकार से मृतक कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता और अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जानकारी ली है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों की जांच की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मंगाई गई है। वहीं सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि रसोईया कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत की प्रक्रिया जारी है।

हालांकि संघ का आरोप है कि अब तक ठोस निर्णय नहीं लिए गए हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।

सामाजिक संगठनों और विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राज्य की एक महत्वपूर्ण योजना से जुड़े कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मृतक रसोईया के परिजनों को मुआवजा और रसोईया कर्मचारियों के मानदेय में तत्काल बढ़ोतरी की मांग की है।

आंदोलन से बढ़ा राजनीतिक और सामाजिक दबाव

दो रसोईया की मौत के बाद आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। यह मामला अब केवल मजदूरी का नहीं, बल्कि रसोईया कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ गया है।

डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य सूचना प्रदान करना है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि, निर्णय या सहायता संबंधी जानकारी के लिए संबंधित विभाग और सरकारी अधिसूचनाओं को ही अंतिम रूप से मान्य माना जाए।

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