दिनांक: 27 जनवरी 2026 | लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक गंभीर सुरक्षा घटना सामने आई है, जहां माओवादियों द्वारा लगाए गए IED विस्फोट में 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यह घटना सशस्त्र अभियान के दौरान हुई, जब सुरक्षा बल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। विस्फोट के तुरंत बाद सभी घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट
जानकारी के अनुसार, बीजापुर के संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए तलाशी अभियान चला रही थी। इसी दौरान पहले से जमीन में प्लांट किया गया IED विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई जवान इसकी चपेट में आ गए।
घायल जवानों को तुरंत पहुंचाया गया अस्पताल
विस्फोट की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और इलाके को घेर लिया गया। घायल जवानों को तत्काल एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। प्रशासन ने बताया कि जवानों को समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के कारण बड़ा नुकसान टल गया।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और सर्च ऑपरेशन को और तेज किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट किस मार्ग पर और किस उद्देश्य से लगाया गया था। माओवादी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
घटना के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। राज्य सरकार की ओर से घायल जवानों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सुरक्षा बलों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना भी की गई है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा बलों का मनोबल नहीं तोड़ सकतीं और माओवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
माओवादी हिंसा पर चुनौती बरकरार
बीजापुर और आसपास के इलाके लंबे समय से माओवादी हिंसा से प्रभावित रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के चलते स्थिति में सुधार हुआ है, फिर भी ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा के साथ-साथ विकास और संवाद की रणनीति को और मजबूत करने की जरूरत है।
Disclaimer
यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और प्रारंभिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। घटना से संबंधित तथ्य समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी आधिकारिक पुष्टि, विस्तृत जानकारी या अद्यतन स्थिति के लिए संबंधित प्रशासन, पुलिस विभाग या सरकारी बयान पर ही भरोसा करें।













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