दिनांक: 29 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले में माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट की घटना ने एक बार फिर राज्य की सुरक्षा चुनौतियों को उजागर कर दिया है। इस विस्फोट में 11 सुरक्षा कर्मी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब सुरक्षा बल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन पर निकले हुए थे। माओवादियों ने पहले से लगाए गए आईईडी के जरिए जवानों को निशाना बनाया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट
सूत्रों के मुताबिक, बीजापुर के संवेदनशील इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा नियमित गश्त और तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में छिपाकर लगाए गए आईईडी में विस्फोट हुआ, जिससे मौके पर मौजूद जवान घायल हो गए।
विस्फोट की आवाज से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और अतिरिक्त बलों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
घायल जवानों का इलाज जारी
घटना में घायल हुए 11 जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल और समीपवर्ती चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सभी जवान खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, हालांकि कुछ को गंभीर चोटें भी आई हैं।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
विस्फोट के बाद बीजापुर जिले के प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि माओवादियों की मौजूदगी और अन्य संभावित खतरों को समाप्त किया जा सके।
डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को भी इलाके में तैनात किया गया है।
माओवादी गतिविधियों पर चिंता
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि माओवादी अब भी कुछ इलाकों में सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल और दुर्गम इलाकों में आईईडी का इस्तेमाल माओवादियों की पुरानी रणनीति रही है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद राज्य सरकार और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माओवादी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बलों के मनोबल को बनाए रखने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और प्रारंभिक जानकारियों पर आधारित है। घटना से जुड़ी जांच जारी है और आगे चलकर तथ्यों, संख्या या विवरण में परिवर्तन संभव है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि या अंतिम जानकारी के लिए संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं को ही मान्य माना जाए।













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