बिजली केयर: बाघ “बिजली” का इलाज गुजरात ले जाया गया

बिजली केयर: बाघ “बिजली” का इलाज गुजरात ले जाया गया

रायपुर के नवा रायपुर जंगल सफारी की रॉयल बंगाल बाघिन “बिजली” को अब बेहतर उपचार के लिए गुजरात भेजा गया है। हाल के दिनों में उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद स्थानीय पशु चिकित्सकों की टीम ने कई प्रयास किए, लेकिन आवश्यक उन्नत उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण बाघिन को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, “बिजली” कई दिनों से भोजन कम कर रही थी और उसके व्यवहार में थकावट जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में यकृत (लिवर) संबंधी समस्या की संभावना जताई थी। हालांकि, सटीक कारण की पुष्टि के लिए अब गुजरात के अत्याधुनिक पशु चिकित्सा केंद्र में विस्तृत जांच की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि बाघिन को विशेष केज वाहन से सुरक्षा और निगरानी में गुजरात ले जाया गया है। यात्रा के दौरान एक टीम में पशु चिकित्सक, वन कर्मचारी और सुरक्षा अधिकारी भी साथ रहे। विभाग ने यह भी बताया कि “बिजली” की तबीयत में सुधार आने तक उसे सार्वजनिक दर्शन के लिए प्रदर्शित नहीं किया जाएगा।

नवा रायपुर जंगल सफारी में “बिजली” पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही है। उसे पिछले कुछ वर्षों से देखभाल में रखा जा रहा था और उसके स्वास्थ्य को लेकर कई बार चर्चा हो चुकी है। विभाग ने भरोसा जताया है कि गुजरात में बेहतर उपचार मिलने के बाद वह जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटेगी।

वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और “बिजली” के स्वास्थ्य को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतज़ार करें।


Disclaimer: यह समाचार सरकारी और मीडिया स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय या आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा ही की जाएगी।

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