प्रकाशित: 6 नवंबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बुधवार देर रात हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। एक पैसेंजर ट्रेन की मालगाड़ी से जोरदार टक्कर में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। हादसा बिलासपुर रेल मंडल के कोटा स्टेशन के पास हुआ, जहां ट्रेन की गति और सिग्नलिंग सिस्टम की जांच की जा रही है।

कैसे हुआ हादसा
सूत्रों के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब बिलासपुर से रायपुर की ओर जा रही MEMU पैसेंजर ट्रेन एक मालगाड़ी से टकरा गई। बताया जा रहा है कि सिग्नल रेड था, लेकिन पैसेंजर ट्रेन उसे पार कर गई। इससे सामने खड़ी मालगाड़ी से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पैसेंजर ट्रेन के अगले दो डिब्बे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय ग्रामीणों और रेलवे कर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायलों को बिलासपुर जिला अस्पताल और सिम्स मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन और रेलवे की प्रतिक्रिया
रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि चालक दल ने रेड सिग्नल को नजरअंदाज किया था। हालांकि, रेलवे ने यह भी कहा है कि तकनीकी खराबी या सिग्नल फेलियर की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
- रेल मंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया और राहत दलों को तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए।
- स्थानीय प्रशासन और NDRF की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि “हम लोगों ने अचानक एक तेज झटका महसूस किया और सब कुछ अंधेरे में चला गया। डिब्बे से निकलना मुश्किल था, चारों तरफ चीखें सुनाई दे रही थीं।” स्थानीय निवासियों ने बताया कि दुर्घटना स्थल से लगातार कई घंटों तक घायलों को निकाला गया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और सिग्नल रिकॉर्डिंग सिस्टम की जांच के बाद ही सही कारण स्पष्ट होगा।
घटना के बाद कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है और रेलवे लाइन की मरम्मत का कार्य जारी है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और रेलवे अधिकारियों द्वारा जारी प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। जांच पूरी होने तक दुर्घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। किसी भी प्रकार की पुष्टि केवल रेलवे की आधिकारिक रिपोर्ट से ही की जानी चाहिए।











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