छत्तीसगढ़ में नक्सल मुठभेड़: सुकमा और बीजापुर में संयुक्त ऑपरेशन में 10 से अधिक माओवादी ढेर

छत्तीसगढ़ में नक्सल मुठभेड़: सुकमा और बीजापुर में संयुक्त ऑपरेशन में 10 से अधिक माओवादी ढेर

लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुकमा और बीजापुर जिलों की सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 10 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। यह कार्रवाई राज्य में नक्सल विरोधी अभियान के तहत की गई, जिसे सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से अंजाम दे रही थीं।

संयुक्त ऑपरेशन की पृष्ठभूमि

पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को खुफिया सूचना मिली थी कि सुकमा और बीजापुर के जंगलों में बड़ी संख्या में सशस्त्र नक्सली जमा हैं। इसके बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG), कोबरा बटालियन और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही सुरक्षा बल जंगलों के भीतर आगे बढ़े, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ छिड़ गई।

कई घंटे चली मुठभेड़

बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ कई घंटों तक चली। दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। सुरक्षा बलों की रणनीति और आधुनिक हथियारों के सामने नक्सली टिक नहीं पाए। मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मारे गए नक्सलियों में कई हार्डकोर कैडर शामिल थे।

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों को आशंका है कि कुछ नक्सली घायल अवस्था में जंगल की ओर भागे हो सकते हैं। इसी कारण से आसपास के गांवों और जंगलों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से भी सर्च ऑपरेशन को तेज किया गया है।

राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

इस सफल ऑपरेशन को लेकर राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा बलों की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से नक्सलियों के नेटवर्क को कमजोर किया जा रहा है और उनके मनोबल पर भी असर पड़ा है।

स्थानीय लोगों में बढ़ा विश्वास

नक्सल प्रभावित इलाकों में इस तरह की कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों में भी सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है। विकास कार्यों में आ रही बाधाएं धीरे-धीरे कम हो रही हैं। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा के साथ-साथ विकास योजनाओं को भी तेजी से लागू किया जा रहा है, ताकि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सलवाद के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। आने वाले समय में और भी बड़े ऑपरेशन चलाए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में शांति और विकास का माहौल स्थापित किया जाए।


डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य सूचना प्रदान करना है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि, आंकड़ों या विस्तृत विवरण के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक बयान को ही अंतिम और प्रामाणिक स्रोत माना जाए।

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