प्रकाशित तिथि: 2 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ सरकार की हाल ही में आयोजित मंत्रिपरिषद बैठक में राज्य हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कर्मचारियों, दिव्यांग जनों और शिक्षा विभाग से जुड़े अनेक अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। यह बैठक राज्य प्रशासन की योजनाओं और जनहित से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

वेतन-ऋण व्यवस्था में सुधार
राज्य सरकार ने अपने शासकीय कर्मचारियों के लिए वेतन-ऋण की प्रक्रिया को आसान और सुगम बनाने का निर्णय लिया है। अब कर्मचारियों को बैंक ऋण के लिए लंबी प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने इस व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बनाई है, जिससे पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो सकें।
दिव्यांग जन कल्याण को बढ़ावा
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य में पंजीकृत दिव्यांग जनों को प्रदान की जा रही सहायता राशि को समय पर और आसान प्रक्रिया के तहत वितरित किया जाएगा। इसके अंतर्गत लंबित भुगतानों के निपटारे की योजना भी बनाई गई है। इससे हजारों दिव्यांग लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
शिक्षा विभाग में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती
शिक्षा को समावेशी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य भर के सरकारी विद्यालयों में 100 स्पेशल एजुकेटरों की भर्ती की जाएगी। ये शिक्षक विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षण प्रदान करेंगे। इससे शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता को बल मिलेगा और सभी छात्रों को समान अवसर प्राप्त होंगे।
जनहित में निर्णय
इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के नागरिकों के हित में ठोस कार्य कर रही है। विशेष रूप से दिव्यांगों और कर्मचारियों के लिए उठाए गए कदम सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करते हैं। वहीं शिक्षा में स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और समाचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी पूरी तरह से सत्यापन पर आधारित नहीं है और यह केवल सामान्य जानकारी हेतु प्रस्तुत की गई है। किसी भी प्रकार की नीतिगत या आधिकारिक सूचना के लिए छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक वेबसाइट अथवा अधिसूचना का संदर्भ लें।













Leave a Reply