छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर से अधिकारियों ने आवाज़ बुलंद की है। कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ की प्रांतीय आह्वान पर बलरामपुर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कृषि अधिकारी शामिल हुए।

धरना-प्रदर्शन का उद्देश्य
कृषि अधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी ग्रेड पे, पदोन्नति और अन्य संवैधानिक मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी वजह से उन्होंने सामूहिक रूप से अपनी नाराज़गी जताने के लिए यह आंदोलन किया।
मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। उनका मानना है कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक वे अपने आंदोलन को जारी रखेंगे।
प्रमुख मांगें
- ग्रेड पे में सुधार
- नियमित पदोन्नति की व्यवस्था
- कृषि अधिकारियों के लिए बेहतर सेवा शर्तें
- संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय स्तर पर भी इस आंदोलन को समर्थन मिला। किसानों का कहना है कि यदि कृषि अधिकारियों को उचित सुविधा और प्रोत्साहन मिलेगा, तो इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुँचेगा। अधिकारियों के अनुसार, उनकी मांगें पूरी होने से विभाग की कार्यक्षमता और किसानों की सेवा करने की क्षमता और बेहतर होगी।
सरकार का रुख
अब तक सरकार की ओर से इस धरना-प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कृषि विभाग इस मामले पर विचार कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार रिपोर्ट्स और स्थानीय मीडिया कवरेज पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण पुष्टि नहीं करते। पाठकों से आग्रह है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले आधिकारिक सरकारी बयान और अधिसूचना देखें।













Leave a Reply