दिनांक: 27 दिसंबर 2025
लेखक: Ajay Verma
छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर का प्रभाव तेज हो गया है और न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है, जिससे ठंड और अधिक बढ़ने की आशंका है।

कई जिलों में बढ़ी ठंड की मार
उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में शीतलहर का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। सरगुजा, कोरिया, जशपुर, बलरामपुर और रायपुर सहित कई क्षेत्रों में सुबह और रात के समय तेज ठंड महसूस की जा रही है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण लोगों को घरों में ही रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण राज्य में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। आसमान साफ रहने के कारण रात के तापमान में और गिरावट संभव है। अगले 48 से 72 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और कमी आ सकती है।
जनजीवन पर पड़ा असर
कड़ाके की ठंड का सीधा असर दैनिक जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजार देर से खुल रहे हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन की तैयारी
ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों के लिए अलाव जलाने और रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है। नगर निगम और जिला प्रशासन को शीतलहर से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी
चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, गर्म पेय पदार्थ लेने और ठंडी हवाओं से बचने की सलाह दी जा रही है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों एवं विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय-समय पर बदल सकती है। सटीक एवं अद्यतन जानकारी के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और सूचनाओं को ही प्रामाणिक माना जाए।











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