प्रकाशित: 5 अक्टूबर 2025 | स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़
संक्षेप: छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक लक्ज़री हाइब्रिड कार के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने निर्माता कंपनी को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता को ₹1.01 करोड़ रुपये लौटाए या फिर उसी मॉडल की नई कार उपलब्ध कराए। आयोग ने कहा कि वाहन में मौजूद लगातार तकनीकी खामियां “निर्माण दोष” की श्रेणी में आती हैं।

आयोग का ऐतिहासिक फैसला
छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को लेकर नया उदाहरण पेश किया है। आयोग ने रायपुर निवासी एक उपभोक्ता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि संबंधित ऑटोमोबाइल कंपनी या तो खरीदार को ₹1.01 करोड़ रुपये वापस करे या उसी मॉडल की नई लक्ज़री हाइब्रिड कार दे।
उपभोक्ता की शिकायत
शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले एक महंगी हाइब्रिड कार खरीदी थी, लेकिन डिलीवरी के कुछ ही दिनों बाद उसमें लगातार तकनीकी समस्याएं आने लगीं। कार को कई बार सर्विस सेंटर भेजा गया, परंतु समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ। अंततः उपभोक्ता ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
सुनवाई के दौरान क्या पाया गया?
आयोग ने पाया कि वाहन में बार-बार एक जैसी खराबियां उत्पन्न हो रही थीं और कंपनी उन्हें ठीक करने में विफल रही। आयोग ने इसे “निर्माण दोष” (Manufacturing Defect) की श्रेणी में रखते हुए कहा कि यह सामान्य उपयोग से हुई खराबी नहीं है। इस आधार पर उपभोक्ता को राहत देने का आदेश जारी किया गया।
कंपनी की दलील और आयोग का जवाब
कंपनी के वकीलों ने दावा किया कि खराबी मामूली थी और उसकी मरम्मत कर दी गई थी। लेकिन आयोग ने सर्विस रिपोर्टों और तकनीकी जांच के दस्तावेजों की समीक्षा के बाद इस दलील को अस्वीकार कर दिया। आयोग ने कहा कि उपभोक्ता को किसी दोषपूर्ण वस्तु के साथ समझौता करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
उपभोक्ता अधिकारों के लिए मिसाल
इस फैसले के बाद उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे एक “ऐतिहासिक निर्णय” बताया है। उनके अनुसार, यह आदेश बड़े कॉरपोरेट ब्रांडों को यह संदेश देता है कि उपभोक्ताओं के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
भविष्य पर असर
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला आने वाले समय में उपभोक्ता विवादों में मिसाल बनेगा। विशेष रूप से उन मामलों में, जहां उच्च मूल्य के उत्पादों में लगातार तकनीकी दोष पाए जाते हैं। आयोग के इस आदेश से उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूकता मिलेगी।
आयोग का संदेश
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि उपभोक्ता का यह अधिकार है कि उसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिले। यदि कोई कंपनी महंगी कीमत वसूलती है, तो उसे तकनीकी रूप से सही और विश्वसनीय वस्तु देना आवश्यक है। यह निर्णय उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार उपलब्ध न्यायिक दस्तावेज़ों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित सभी विवरण आधिकारिक आदेश के अनुसार व्याख्यायित किए गए हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी कानूनी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।











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