छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू

छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र तीसरे दिन में प्रवेश, हंगामे के आसार

दिनांक: 14 दिसंबर 2025 | लेखक: Ajay Verma

सत्र की शुरुआत

रायपुर में नया विधानसभा भवन आज से शीतकालीन सत्र के लिए तैयार हो गया है। यह सत्र 14 दिसंबर से शुरू होकर 17 दिसंबर तक चलेगा। राज्य सरकार ने इसे विशेष रूप से डिजिटल और पेपरलेस सत्र बनाने का निर्णय लिया है ताकि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता दिखाई जा सके और विधानसभा की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाया जा सके।

कांग्रेस का बहिष्कार

सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने बहिष्कार करने का निर्णय लिया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि सरकार की नीतियों में जनता के हितों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्षी दलों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बहिष्कार के कारण पहले दिन सत्र की कार्यवाही में खास प्रगति नहीं हुई, लेकिन अगले दिनों मुद्दों पर चर्चा की संभावना बनी हुई है।

विजन डॉक्यूमेंट 2047

वित्त मंत्री ने सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ पेश किया। इस डॉक्यूमेंट में राज्य के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों और योजनाओं का विवरण है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आने वाले 25 वर्षों के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। सरकार का उद्देश्य इसे राज्य के विकास की दिशा में मार्गदर्शन के रूप में पेश करना है।

विधायक दल की बैठक

सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई और यह तय किया गया कि विपक्ष अपनी भूमिका मजबूत तरीके से निभाएगा। इसके अलावा, बैठक में बहिष्कार और सदन में नीति विरोधी रुख पर भी विचार विमर्श हुआ।

सत्र की विशेषताएँ

नया विधानसभा भवन आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है। इस सत्र को पूरी तरह डिजिटल बनाने के प्रयास किए गए हैं। सदन में स्मार्ट बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा उपलब्ध है। यह पहल पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए की गई है।

राजनीतिक हलचल

पहले दिन बहिष्कार और सरकार की योजनाओं को लेकर राजनीतिक हलचल देखने को मिली। विपक्षी दलों ने कई मुद्दों पर सरकार की आलोचना की, जबकि सत्ता पक्ष ने विकास और विजन डॉक्यूमेंट के महत्व को बताया। सत्र के अगले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों पक्षों के बीच संवाद और चर्चा किस दिशा में जाती है।

सारांश

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र नए भवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक है। बहिष्कार और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, यह सत्र राज्य के विकास और नीतियों पर व्यापक चर्चा का अवसर प्रदान करता है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ राज्य की लंबी अवधि की योजनाओं को दिशा देने में सहायक होगा।

Disclaimer: यह लेख केवल समाचार और जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी सरकारी घोषणाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी प्रकार के निवेश, निर्णय या कार्रवाई से पहले संबंधित प्राधिकरण या विशेषज्ञ से पुष्टि करना आवश्यक है।

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