राज्य स्थापना दिवस पर भव्य शुभारंभ
कोरबा (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर कोरबा जिले में “छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2025” का भव्य शुभारंभ किया गया। यह तीन दिवसीय उत्सव जिले के मुख्य मैदान में बड़े हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, कला, लोकनृत्य और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है।

मुख्य अतिथि और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम का उद्घाटन कटघोरा विधायक ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उनके साथ जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कलाकार और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक झलकियों ने लोगों का मन मोह लिया। पूरे मैदान को छत्तीसगढ़ी थीम पर सजाया गया, जिसमें स्थानीय कारीगरों की झोपड़ीनुमा प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही।
पहले दिन की गतिविधियाँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
इस राज्योत्सव के पहले दिन विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग विभाग की उपलब्धियाँ प्रदर्शित की गईं। जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। शाम के समय छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों ने ‘सुआ नृत्य’, ‘पंथी नृत्य’ और ‘रौजागा नाच’ जैसी प्रस्तुतियों से माहौल को उत्सवमय बना दिया।
स्थानीय उत्पादों और महिला स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी
दूसरे दिन स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए “एक जिला एक उत्पाद” (ODOP) स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ कोरबा के हस्तशिल्प, बांस कला और वन उत्पादों की बिक्री की जा रही है। साथ ही, महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने हाथों से बनाए वस्त्र, खाद्य उत्पाद और गृह उपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देना और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
तीसरे दिन सांस्कृतिक संध्या और प्रशासनिक तैयारी
आयोजन के अंतिम दिन राज्यभर के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ी संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ होंगी। प्रशासन ने बताया कि उत्सव के सभी कार्यक्रमों में आम जनता की नि:शुल्क प्रवेश व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है।
स्थानीय कलाकारों और जनता में उत्साह
कोरबा जिले में यह राज्योत्सव न केवल सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की पहचान को पुनः सशक्त करने का अवसर भी प्रदान करता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से क्षेत्रीय कलाकारों को मंच मिलता है और युवाओं में सांस्कृतिक गर्व की भावना जागृत होती है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस लेख में दी गई जानकारी स्थानीय समाचार स्रोतों और सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। प्रकाशक का उद्देश्य केवल सूचनात्मक सामग्री प्रदान करना है। किसी भी नीति, घोषणा या निर्णय से संबंधित सटीक जानकारी के लिए कृपया संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें।











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