दिल्ली के सभी जिला न्यायालय आज बंद — वकीलों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जताया विरोध

दिल्ली के सभी जिला न्यायालय आज बंद — वकीलों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जताया विरोध

प्रकाशित: 6 नवंबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा

दिल्ली की All District Courts Bar Associations ने आज राजधानी के सभी जिला न्यायालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला एक वकील के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में लिया गया है। बार एसोसिएशनों ने कहा है कि जब तक पुलिस प्रशासन इस घटना की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता, तब तक वकील समुदाय विरोध जारी रखेगा।

विरोध का कारण और पृष्ठभूमि

यह विवाद उस समय सामने आया जब दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से एक वकील के साथ “दुर्व्यवहार और मारपीट” की घटना को अंजाम दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पुलिस और वकील के बीच झड़प के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद सभी जिला बार एसोसिएशनों ने तत्काल बैठक बुलाकर सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया।

बैठक में तय किया गया कि न्यायालयों में कोई भी वकील पेशी या कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेगा। इस निर्णय से पटियाला हाउस, साकेत, रोहिणी, द्वारका, और कड़कड़डूमा कोर्ट समेत दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों की कार्यवाही प्रभावित रही।

बार एसोसिएशन की मांगें

दिल्ली बार काउंसिल और बार एसोसिएशनों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि संबंधित पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए और घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि वकीलों के साथ ऐसी घटनाएँ न्याय व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुँचाती हैं।

बार एसोसिएशन ने कहा, “हम पुलिस प्रशासन से टकराव नहीं चाहते, लेकिन यदि कानून के रखवाले ही कानून तोड़ेंगे तो हम चुप नहीं रह सकते।” उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि जब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, वकीलों का विरोध प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।

कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि वकीलों और पुलिस के बीच संबंधों को सुधारने के लिए एक संयुक्त समिति गठित की जानी चाहिए, जो भविष्य में ऐसे टकरावों को रोके।

न्यायिक कार्यवाही और प्रशासन पर असर

कोर्ट बंद रहने से आज सैकड़ों मामलों की सुनवाई स्थगित हो गई। कई जमानत याचिकाएँ, गवाही और नियमित सुनवाई वाले मामलों को अगली तारीखों पर टाल दिया गया। litigants (वादियों) को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जबकि न्यायिक अधिकारी भी सीमित कार्य कर पाए।

दिल्ली पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि “घटना की निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे।”

वहीं, दिल्ली बार काउंसिल ने अपील की है कि जब तक वार्ता नहीं होती, वकील समुदाय एकजुटता बनाए रखे। संभव है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा उच्च न्यायालय तक भी पहुँचे।

डिस्क्लेमर:

यह लेख सार्वजनिक समाचार स्रोतों और बार एसोसिएशनों के बयानों पर आधारित है। जांच प्रक्रिया जारी है, इसलिए भविष्य में जानकारी में परिवर्तन संभव है। वेबसाइट या लेखक की व्यक्तिगत राय नहीं है। किसी भी आधिकारिक निष्कर्ष के बाद लेख अद्यतन किया जाएगा।

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