By : wccsnews24.com

धमतरी, 11 अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सड़क अधोसंरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रत्नाबांधा, सिहावा और गंगरेल मार्ग को अब 4 लेन में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 87.30 करोड़ रुपये तय की गई है। इस परियोजना से न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय विकास, पर्यटन और व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
योजना का स्वरूप
जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना में तीन प्रमुख मार्गों—रत्नाबांधा, सिहावा और गंगरेल—को शामिल किया गया है। वर्तमान में ये मार्ग दो लेन के हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ते हैं और आसपास के पर्यटक स्थलों तक पहुँचने का मुख्य साधन हैं। लेकिन तेजी से बढ़ते यातायात और विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इन सड़कों को 4 लेन में परिवर्तित करने की आवश्यकता महसूस की गई।
इस परियोजना के तहत सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, बेहतर सिग्नलिंग, स्ट्रीट लाइटिंग, साइनेज और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। साथ ही, सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का भी ध्यान रखा जाएगा।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
धमतरी जिले का गंगरेल बांध छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। गंगरेल झील में हर वर्ष हजारों पर्यटक आते हैं, खासकर मानसून और सर्दियों के मौसम में। वहीं, सिहावा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। वर्तमान में, इन स्थलों तक पहुँचने वाले मार्ग संकरे और जर्जर अवस्था में हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
4 लेन की सड़कों के निर्माण से इन स्थलों तक पहुँच सुगम होगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक अब अधिक सहजता से अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे। इसके अतिरिक्त, व्यापारिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। क्षेत्रीय किसान, व्यापारी और उद्योगपति अपने उत्पादों को आसानी से मंडियों तक पहुँचा सकेंगे।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ
स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने इस योजना का स्वागत किया है। रत्नाबांधा निवासी एक किसान, रामसिंह यादव ने कहा, “हम कई वर्षों से मांग कर रहे थे कि सड़कें चौड़ी की जाएं। बरसात में कीचड़ और गड्ढों की वजह से खेतों से मंडी तक फसल पहुँचाना मुश्किल हो जाता था। अब उम्मीद है कि हालात बेहतर होंगे।”
वहीं, सिहावा के एक होटल व्यवसायी राकेश साहू का कहना है, “पर्यटक आते हैं लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण कई बार शिकायत करते हैं। 4 लेन बनने के बाद निश्चित रूप से कारोबार बढ़ेगा।”
प्रशासनिक दृष्टिकोण
धमतरी कलेक्टर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना अगले तीन वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में सड़क की चौड़ाई और बेस लेयर का कार्य किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में इलेक्ट्रिफिकेशन, सिग्नलिंग और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि इस योजना के कारण स्थानीय लोगों को न्यूनतम असुविधा हो और उन्हें मुआवजा व पुनर्वास की पूरी व्यवस्था समय पर मिले।
वित्तीय प्रबंधन और निगरानी
87.30 करोड़ रुपये की इस योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष बजट स्वीकृत किया गया है। परियोजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है जिसमें लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन, पर्यावरण विभाग और स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इस परियोजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और जन शिकायत निवारण मंच भी तैयार किया जा रहा है, जिससे नागरिक अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज कर सकें।
धमतरी में रत्नाबांधा, सिहावा और गंगरेल मार्गों को 4 लेन में बदलने की यह योजना न केवल एक अधोसंरचनात्मक परियोजना है, बल्कि यह जिले के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटक विकास की रीढ़ बनने जा रही है। आने वाले वर्षों में इस योजना के पूर्ण होने से धमतरी न केवल राज्य के नक्शे पर और मजबूती से उभरेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की जीवनशैली में भी एक सकारात्मक बदलाव आएगा।












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