प्रकाशित: आज • स्थान: धमतरी
विवाद की शुरुआत
धमतरी नगर निगम में विकास शुल्क (Development Tax) की नई व्यवस्था लागू होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि यह शुल्क आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाला है। उन्होंने कहा कि बिना सार्वजनिक परामर्श और सूचना के अचानक नियम बदलना उचित नहीं है।

कांग्रेस पार्षदों का विरोध
नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस पार्षदों ने जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि नए शुल्क से छोटे व्यापारी, मकान मालिक और आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। उन्होंने निगम से मांग की कि इस निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।
नगर निगम का पक्ष
प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि विकास शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग सड़क, सीवरेज, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह शुल्क राज्य सरकार की गाइडलाइन के तहत लागू किया गया है और इसमें किसी प्रकार की मनमानी नहीं है।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
शहरवासियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ नागरिकों ने शुल्क को अनुचित बताया और कांग्रेस पार्षदों का समर्थन किया, वहीं अन्य ने माना कि शहर के विकास और बुनियादी ढांचे के लिए ऐसे संसाधन आवश्यक हैं।
राजनीतिक हलचल
इस घटना से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता अब आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही निगम प्रशासन से संवाद स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने सभी पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि विकास शुल्क जैसे मुद्दों पर पारदर्शिता और स्पष्ट संवाद बेहद जरूरी है। यदि प्रशासन जनता और पार्षदों के साथ खुलकर चर्चा करता, तो यह विवाद टल सकता था। सुझाव है कि नगर निगम को नागरिकों को जागरूक करने के लिए सार्वजनिक बैठकें और सूचनात्मक सत्र आयोजित करने चाहिए।
Disclaimer:
यह लेख स्थानीय समाचार स्रोतों और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। आगे की जांच और आधिकारिक बयानों के बाद इसमें बदलाव संभव है। कृपया अंतिम पुष्टि के लिए नगर निगम या संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणाओं का संदर्भ लें। इस रिपोर्ट में प्रयुक्त छवियां प्रतीकात्मक भी हो सकती हैं।













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