दुर्ग-भिलाई में निर्माणाधीन अस्पताल की सेंटरिंग गिरी: 9 मजदूर घायल

दुर्ग-भिलाई में निर्माणाधीन अस्पताल की सेंटरिंग गिरी: 9 मजदूर घायल

9 नवंबर 2025 — लेखक: अजय वर्मा

घटना का विवरण

छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रविवार दोपहर एक और बड़ा हादसा सामने आया। जानकारी के अनुसार, एक निर्माणाधीन अस्पताल की लकड़ी की सेंटरिंग अचानक गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे 9 मजदूर घायल हो गए। यह घटना रायपुर में हुए समान हादसे के कुछ घंटों बाद घटी, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।

घायलों की स्थिति और राहत कार्य

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां तीन मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

दमकल विभाग और नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने का काम जारी रखा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद साइट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।

हादसे का संभावित कारण

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अस्पताल निर्माण में प्रयुक्त लकड़ी की सेंटरिंग और सपोर्ट स्ट्रक्चर पुरानी और कमजोर थी। भारी बारिश और नमी के कारण लकड़ी फिसल गई जिससे ढांचा अचानक गिर पड़ा। तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी इस तरह की दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच आदेश

दुर्ग जिला प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियरों और ठेकेदारों को पूछताछ के लिए बुलाया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं ने इस हादसे पर चिंता जताई और कहा कि “लगातार हो रही निर्माण दुर्घटनाएँ गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं।” उन्होंने घायलों के इलाज के सभी खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी स्तर पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित कंपनी पर कड़ी कार्रवाई होगी।

स्थानीय नागरिकों और मजदूर संघ की प्रतिक्रिया

स्थानीय मजदूर संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए और नियमित निरीक्षण किए जाएँ। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान न देने के कारण ऐसी घटनाएँ बार-बार हो रही हैं।

निष्कर्ष

दुर्ग-भिलाई और रायपुर की ये घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि राज्य में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की सख्ती की आवश्यकता है। तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण को प्राथमिकता देने से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। सरकार ने दोनों घटनाओं की जांच एक साथ करने और व्यापक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।

डिस्क्लेमर

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्थानीय समाचार रिपोर्टों और प्रशासनिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। समय के साथ स्थिति में परिवर्तन संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी आधिकारिक अपडेट या जांच रिपोर्ट के लिए संबंधित विभागों की वेबसाइट या समाचार स्रोतों की पुष्टि करें। लेखक या प्रकाशन किसी भी त्रुटि के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

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